मन्नू मिश्रा
अम्बिकापुर, 25 जनवरी 2025
आयुर्वेद और पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. दीपक सोनी के अनुसार, स्वर्ण प्राशन संस्कार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है। आयुर दीप हेल्थ केयर में विगत तीन वर्षों से प्रतिमाह पुष्य नक्षत्र के दिन बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराया जा रहा है। यह प्रक्रिया बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करने, शारीरिक और बौद्धिक विकास में सहायता करती है।
स्वर्ण प्राशन में घी, शहद और स्वर्ण भस्म के साथ विभिन्न औषधियों का मिश्रण किया जाता है, जो विशेष मंत्रों के साथ तैयार किया जाता है। डॉ. दीपक सोनी बताते हैं कि इस प्रक्रिया से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे वे खांसी, बुखार और सर्दी जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। इसके अलावा, स्वर्ण प्राशन से मेधा वर्धन, आयुषवर्धन, अग्नि वर्धन और वृष्य वर्धन जैसे लाभ भी होते हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास, भूख-पाचन, ऊर्जा और रंग में सुधार करते हैं।
डॉ. सोनी ने बताया कि स्वर्ण प्राशन संस्कार जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को कराना चाहिए, क्योंकि यह एक प्रकार की आयुर्वेदिक इम्युनाइजेशन (वैक्सीनेशन) है। यह संस्कार केवल पुष्य नक्षत्र के दिन ही किया जाता है। वर्ष 2025 में आप भी अपने बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराकर उनके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
स्वर्ण प्राशन के लाभों और इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी आयुर्वेद चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं या आयुर दीप हेल्थ केयर में परामर्श ले सकते हैं।