प्रमोद मिश्रा
बिलासपुर, 25 मार्च 2025
छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध के बावजूद भी कुछ कंपनियां इसका उल्लंघन कर रही हैं। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन के गृह विभाग के सचिव से जवाब मांगा है और संबंधित कंपनियों को भी नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 4 अप्रैल 2025 को होगी।
याचिकाकर्ता ने लगाए आरोप
याचिकाकर्ता सुनील नामदेव ने अपने अधिवक्ता अमृतो दास के माध्यम से कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन कुछ कंपनियां इसका पालन नहीं कर रही हैं। इसके समर्थन में उन्होंने आईपीएल से जुड़े कुछ विज्ञापन और दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए।
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य की ओर से हाईकोर्ट में महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत, उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर और अधिवक्ता तुषार धर दीवान ने पक्ष रखा। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज न्यायालय की रजिस्ट्री में दाखिल किए जाएं और उनकी प्रति राज्य अधिवक्ता को दी जाए।
कोर्ट ने मांगा हलफनामा
याचिकाकर्ता के वकील ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। साथ ही, चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने राज्य के गृह विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, प्रतिवादी कंपनियों को नियमानुसार प्रक्रिया शुल्क का भुगतान करने और राज्य अधिवक्ता को याचिका के लंबित रहने की सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।