8 Mar 2026, Sun

राजनीतिक कार्यकर्ताओं को राहत: छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया बड़ा फैसला, 103 प्रकरण किए वापस, उपमुख्यमंत्री बोले – लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है राज्य

प्रमोद मिश्रा
रायपुर,9 अप्रैल, 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और निष्पक्ष शासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए विभिन्न जिलों में दर्ज 103 गैर-गंभीर राजनीतिक प्रकरणों की वापसी का निर्णय लिया है। गृह विभाग द्वारा जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विस्तृत समीक्षा के बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा पर यह फैसला लिया गया। न्यायालय से विधिवत स्वीकृति मिलने के पश्चात 41 प्रकरणों में अभियुक्तों को राहत प्रदान की गई और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से उनके नाम हटा दिए गए।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने
कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सरकार सुशासन की सरकार है। हमारी सरकार में किसी भी निर्दोष के साथ गलत नही होने दिया जाएगा। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई ऐसे राजनीतिक प्रकरण दर्ज किए गए थे, जो केवल लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग का हिस्सा थे। भाजपा सरकार की नीति हमेशा यही रही है कि राजनीतिक कारणों से किसी भी निर्दाेष व्यक्ति को झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए। इसलिए हमारी सरकार ने निष्पक्षता के साथ इन मामलों की समीक्षा कर ऐसे सभी गैर-गंभीर मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि हमारी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। यह निर्णय न केवल न्यायसंगत है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। विपक्ष की तुष्टिकरण और दमनकारी नीतियों के विपरीत, हमारी सरकार पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन में विश्वास रखती है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो प्रकरण कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले या हिंसक गतिविधियों से जुड़े हुए थे, उनकी समीक्षा अलग प्रक्रिया के तहत की गई है। लेकिन जिन मामलों में केवल राजनीतिक विरोध या लोकतांत्रिक आंदोलन हुआ था और किसी प्रकार की हिंसा नहीं हुई थी, उन्हें न्यायालय से स्वीकृति प्राप्त कर वापस लिया गया है। हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है हम जनता के हक की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की भावना को मजबूत करेंगे और राजनीतिक द्वेष के आधार पर लिए गए निर्णयों को सुधारेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार जनता की सरकार है और हम किसी भी निर्दाेष व्यक्ति पर बेवजह कानूनी बोझ नहीं डालने देंगे।
राजनीतिक प्रकरणों की वापसी एक विस्तृत और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। सबसे पहले राज्य शासन द्वारा सभी जिलों में दर्ज राजनीतिक प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। गृह विभाग द्वारा संबंधित जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-से मामले गंभीर प्रकृति के नहीं हैं और जिनमें हिंसक घटनाएं शामिल नहीं हैं। इसके बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा उपरांत, प्रकरण को मंत्रिपरिषद में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। अनुमोदन प्राप्त होने के बाद न्यायालय में प्रकरण वापसी का आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। न्यायालय द्वारा इस मामले की विधिवत समीक्षा के उपरांत अभियुक्तों को राहत प्रदान करने की अनुमति दी जाती है। न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से अभियुक्तों के नाम हटा दिए जाते हैं और उन्हें विधिवत मुक्ति प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। शासन स्तर पर इस निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान हो और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उत्पन्न कानूनी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
विशुद्व रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों की जिलेवार विवरण-

मुंगेली जिले के 02 प्रकरण को वापस लिया गया है। 17 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय राजमार्ग 130ए पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन कर मार्ग अवरुद्ध करने के मामले में अवनी कश्यप, कताहू उर्फ प्रकाश, जनीराम साहू, महेंद्र साहू और संतोष खांडे के विरुद्ध अपराध क्रमांक 30/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 09 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

17 फरवरी 2023 को राष्ट्रीय राजमार्ग 130ए पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन कर मार्ग अवरुद्ध करने के मामले में मुकेश रोहरा, राजेश्वर सिंह टंडन, घनश्याम यादव, यश गुप्ता, पंकज सोनी, आनंद देवांगन और राणा प्रताप सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 75/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 09 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 02 प्रकरण को वापस लिया गया है। 05 अक्टूबर 2023 को जिला अस्पताल एवं विभिन्न जिला स्त्री शासकीय विभागों के कार्यालय को ग्राम मानपुर में खोलने हेतु अपने मांगों के लेकर मानपुर स्थित तहसील कार्यालय का घेराव कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में हरिश लाटिया, शैलेश मिश्रा, कमल अंधारे, रामकेवल विश्वकर्मा, बिरझूराम तारम, भानुराम रावटे, कनकराम राणा, संतोष कोटपारिया, राजू टांडिया उर्फ उमाकांत, भाजेश शाह मंडावी, रेणु टांडिया, मनीष निर्मलकर, भावेश जैन, प्रकाश मिश्रा, राधिका अंधारे, संगीता मिश्रा, कमल किशोर सिन्हा, राजहंस मंडावी, समिम तिगाला, राजा शर्मा,मोहनीस शर्मा, दिनेश मांडवी और अर्जुन जाड़े के विरुद्ध अपराध क्रमांक 57/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 09 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।
वही दिनांक 3 अक्टूबर 2023 से 6 अक्टूबर 2023 तक ग्राम मानपुर में जिला अस्पताल और विभिन्न कार्यालयों की मांग को लेकर चक्का जाम करने तक छोटी चार पहिया वाहन दोपहिया वाहन की आगमन बाधित करने के आरोप में राजू, मनीष निर्मलकर, राजहंस मांडवी, संजय यादव, रेनू टांडिया, संगीता मिश्रा, राजकुमारी खलको, दिनेश मांडवी, सतीश दुबे, मनीष, शैलेश मिश्रा, राहुल मालेकर, यशवंत मालेकर, रामदेव भुआर्य होरीलाल सोरी, अनिल मेश्राम और दीपक वैष्णव के विरुद्ध अपराध क्रमांक 58/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 09 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

नारायणपुर जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। धार्मिक भावनाओं को उकसाने और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करने के मामले में रुपसाय सलाम, अंकित नंदी, पवन कुमार, अतुल नेताम, डोमेंद्र यादव, रमेश पोटाई, मंगलू राम कावड़े, लहरु राम नेताम, राम नेताम, निरंजन करंगा, राजू दुग्गा,सुकमन नेताम, लछु राम कोर्राम, रामसिंह हिचामी, मंगतू राम करंगा, आसमान नेताम, सूरज कोर्राम, दिनेश सलाम, सुरेश कुमार, राजाराम कावड़े, लच्छराम साहू, नरेंद्र नाग, अनूप कुमेटी और लच्छन नेताम के विरुद्ध अपराध क्रमांक 2/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई।

बालोद जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। 31 अगस्त 2023 को ट्रांसफार्मर बदलने की मांग को लेकर सड़क जाम करने के मामले में दिलीप साहू, रोमन सोनकर, मन्नू लाल देशमुख, खुमान विश्वकर्मा, संतोष निषाद और नोमेश्वर साहू के खिलाफ अपराध क्रमांक 164/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 14 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

बिलासपुर जिले के 2 प्रकरण को वापस लिया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 17 फरवरी 2023 को बटालियन चौक पर सड़क बाधित करने और विरोध प्रदर्शन करने के मामले में निहाल यादव, विजय यादव, राजकमल साहू, पप्पू उर्फ किशोर साहू और संजय यादव के विरुद्ध अपराध क्रमांक 101/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 07 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण को वापस लिया गया। वंही 17 फरवरी को ही भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 23 पर आवागमन अवरुद्ध करने के कारण प्रणव शर्मा, विनोद शर्मा, राधेश्याम मिश्रा, परदेशी प्रधान और लोकेश पटेल के विरुद्ध अपराध क्रमांक 151/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण को वापस लिया गया।

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राजनांदगांव जिले के 4 प्रकरण को वापस लिया गया है। 28 अप्रैल 2022 को पानी की समस्या को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम और पुतला दहन करने के मामले में किशुन यादव, गगन आईच, मोनू बहादुर, सुमित भाटिया और रविन्द्र सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 319/22 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 03 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई। वंही मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के तहत लगाए गए दुकानों के आवंटन की विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे नितेश, किशुन यादव, आशीष डोंगरे, गगन आईच, रविन्द्र सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 412/22 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 03 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई। दिनांक 17 फरवरी 2023 को राजनांदगांव में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नक्सली हमले में कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में सीआईटी कॉलेज के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर धरना दिया। करीब 60-70 कार्यकर्ताओं द्वारा मार्ग अवरुद्ध किए जाने से यातायात प्रभावित हुआ, जिस पर तरुण लहरवाणी, शरद कुमार, बलवंत साहू, गप्पू सोनकर, कृष्ण कुमार तिवारी और विजय राय के विरुद्ध अपराध क्रमांक140/2023 पंजीबद्ध किया गया।न्यायालय द्वारा 4 मार्च 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई। दिनांक 25.11.2019 को दिग्विजय कॉलेज के सामने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री का सांकेतिक पुतला दहन किया गया। आरोपीगण ने बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन किया, जिसकी शिकायत दिग्विजय कॉलेज के रजिस्ट्रार द्वारा की गई थी। जिस पर चिंटू सोनकर, गौरव सिंह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 515/2019 पंजीबद्ध किया गया। न्यायालय द्वारा 19 फरवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।
जशपुर जिले के 3 प्रकरण का निराकरण किया गया। 17 फरवरी 2023 को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एनएच-43 पर रास्ता रोकने के मामले में श्रीनायक मिश्रा, अमन शर्मा, राजकुमार गुप्ता, शिवकुमार चौहान, दीपक शर्मा अपराध क्रमांक 18/23 पंजीबद्ध किया गया था। न्यायालय द्वारा 20 दिसम्बर 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकरण में संतोष सिंह, दीपू मिश्रा, अभिषेक गुप्ता, सत्यम मिश्रा, अनुज भगत और शरद चौरसिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 38/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई। 17 फरवरी को ही ग्राम लुड़ेग में एनएच 43 को जाम कर रास्ता व्यवधान करने के कारण विजय चौहान, सुदाम पंडा, महेश गुप्ता, जलांधर यादव और राहुल भगत के विरुद्ध अपराध क्रमांक 55/23 पंजीबद्ध किया गया। न्यायालय द्वारा 17 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

सूरजपुर जिले के 2 प्रकरण को वापस लिया गया है। बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी घटनाओं को लेकर दर्ज मामलों में सियाराम पांडेय, प्रदीप द्विवेदी, अवधेश, वंशरूप यादव, धनुकधरी यादव, जटाशंकर पाठक, कृपाशंकर पाठक, अंशु पांडेय, शशांक कुमार सिंह, कन्नू सिंह, अजय कुमार दुबे, राजेश पांडेय, नीतीश सिंह और शिवबालक यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 08/18 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 07 दिसंबर 2024 को इन प्रकरणों की वापसी को स्वीकृति दी गई। वंही आचार संहिता में बिना किसी अनुमति की धरना प्रदर्शन व रैली करने के कारण अजय गोयल के विरुद्ध अपराध क्रमांक 191/18 पंजीबद्ध किया गया था जिसे न्यायालय द्वारा 13 दिसंबर 2024 को प्रकरण वापसी की स्वीकृति दी गयी।
बेमेतरा जिले के 3 प्रकरण को वापस लिया गया। दिनांक 20 जुलाई 2029 को आरोपी राहुल टिकरिहा, कोमल, हरीश देवांगन और रोमन पांडेय द्वारा शासकीय शराब दुकान में काला झंडा लेकर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकान अवैध रूप से संचालित हो रही है। इसके बाद आरोपीगण ने शराब दुकान का दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया एवं काउंटर को भी बंद कर दिया। साथ ही दुकान में कार्यरत सेल्समेन एवं अन्य कर्मचारियों को भीतर बंद कर बंधक बना लिया, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।इनके विरुद्ध अपराध क्रमांक216/19 पंजीबद्ध किया गया था जिसे न्यायालय द्वारा 13 दिसंबर 2024 को प्रकरण वापसी की स्वीकृति दी गयी। वंही दिनांक 27 दिसम्बर 2021 को ग्राम सरदा के हाई स्कूल प्रांगण में स्पंज आयरन कंपनी द्वारा ग्राम सरदा क्षेत्र में कंपनी स्थापित करने के संबंध में जनसुनवाई मंच का आयोजन किया गया। आरोपी राहुल टिकरिहा एवं उनके साथियों ने उपस्थित व्यक्तियों में से कुछ को यह कहते हुए मंच तक जाने से रोका कि वे कंपनी के समर्थन में आए हैं। जिसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 493/21 पंजीबद्ध किया गया था जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया। वंही दिनांक 22 फरवरी, 2020 को आरोपी आयूस शर्मा, बबलू साहू एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), साजा के कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे लोहे के गेट को तोड़कर शासकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई। इसके अलावा, आरोपियों ने चैनल गेट के सामने बैठकर उग्र नारेबाजी की और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जिसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 42/20 पंजीबद्ध किया गया। न्यायालय द्वारा 17 दिसंबर 2024 को प्रकरण वापस लिया गया।

रायपुर जिले के 9 प्रकरण को वापस लिया गया है। 40-50 छात्रों द्वारा सामूहिक रूप से परीक्षा तिथि को लेकर विश्वविद्यालय के चेन गेट को तोड़कर क्षतिग्रस्त करने के कारण विभोर सिंह, अखिलेश त्रिपाठी, शुभम जायसवाल, आकाश शर्मा और शेखर झाड़ा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 56/21 पंजीकृत किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया। वही निखिल राठोर, राजकमल राठौर, सतनाम सिंह, सूरज शर्मा, मयूरेश केसरवानी और आलोक पटेल के द्वारा ड्यूटी करें पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की एवं कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित करने के कारण अपराध क्रमांक 526/22 पंजीबद्ध किया गया। जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया।भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर राजीव भवन, शंकर नगर एवं माननीय वन मंत्री के शासकीय निवास पर उग्र प्रदर्शन कर घेराव किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शासकीय कार्य में संलग्न पुलिस बल पर हमला किया साथ ही शासकीय वाहन को भी क्षति पहुंचाई गई। इस प्रकरण में प्रखर मिश्रा, विकास शुक्ला, प्रणय साहू, अमित मेरी, अजय लहजा, राहुल राव, धर्मेश वर्मा, समीर फ़रिकर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 182/23 दर्ज किया गया जी से न्यारा द्वारा 17 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया।

भारतीय जनता पार्टी एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ता द्वारा बेरोजगारी एवं शासन से रोजगार प्रदान करने हेतु धरना प्रदर्शन एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण करण कुमार, सोमू सिंह, शुभम गुप्ता, सुमित, नरोत्तम कुमार बघेल, गिरधर गोपाल, राजकुमार, मनोज कुमार साहू के विरुद्ध अपराध क्रमांक 525/22 पंजीबद्ध किया गया न्यायालय द्वारा 17 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया।

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दिनांक 24 अगस्त 2022 को भारतीय जनता पार्टी एवं भाजपा युवा मोर्चा द्वारा बेरोजगारी भत्ता एवं अन्य मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री निवास घेराव एवं धरना प्रदर्शन करने के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ने और प्रदर्शन करने के कारण विशाल पांडे, धीरज मिश्रा, रणजीत तिवारी, मिथिलेश यादव, शुभांकर द्विवेदी के खिलाफ अपराध क्रमांक 529/22 पंजीबद्ध किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 17 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं भाजपा पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री घेराव के दौरान शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण तुषार चोपड़ा, प्रेम शंकर कुर्रे, सचिन सिंह, रणजीत सिंह और हेमंत लुनिया के विरुद्ध अपराध क्रमांक 261/22 पंजीबद्ध किया गया। जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को समाप्त किया गया

भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शासकीय कार्य में तैनात कर्मचारी एवं अधिकारियों से धक्का मुक्की किए जाने एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के खिलाफ मृत्युंजय दुबे, शुभांकर द्विवेदी, सचिन मेघानी राहुल राव, प्रणय साहू, संदीप कछार, हरीश साहू, विकास शुक्ला, हर्षिता रूपाली शर्मा और नीतू ठाकुर के खिलाफ अपराध क्रमांक 403/22 पंजीकृत किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को वापस लिया।

भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा ओसीएम चौक के पास बैरिकेड तोड़कर मुख्यमंत्री निवास घेराव करने धक्का और दुव्यवहार करने के कारण अविनाश श्रीवास्तव, आनंद झा, रितेश दास जोशी और अभिषेक तिवारी के खिलाफ अपराध क्रमांक 262/22 पंजीबद्घ किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को वापस लिया गया।

कोविड-19 महामारी के फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन में आंशिक खुलने पर शासन द्वारा शासकीय शराब दुकान को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खुलने का आदेश जारी होने से शराब दुकान खुल जाने से उपरोक्त आरोपीगण शराब दुकान बंद करने के लिए जन समूह लेकर कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध नारीबाजी करते हुए प्रदर्शन करने के कारण गौरी शंकर, ओम प्रकाश, हरीश द्विवेदी, रूपेश यादव और सिद्धांत शर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 72/20 पंजीबद्ध किया गया था जिसे न्यायालय द्वारा 14 दिसम्बर 2024 को वापस लिया गया।

गरियाबंद जिले के 6 प्रकरण को वापस लिया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बस स्टैंड चौराहे पर चक्काजाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में डमरूधर पुजारी, गोवर्धन मांझी, गुरुनारायण तिवारी, पुनीत राम सिन्हा, लबोधर साहू, गाडाराम उर्फ धनीराम सिन्हा, अर्णव ठाकुर और विभा अवस्थी के खिलाफ अपराध क्रमांक 211/19 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 15 जनवरी 2025 को इस प्रकरण की वापसी की स्वीकृति दी गई।

दिनांक 17 फरवरी 2023 को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बस्तर में भाजपा कार्यकर्ताओं का नक्सलियों द्वारा हत्या करने के विरोध में शासन के विरुद्ध नाराबाजी करते हुए रास्ता अवरुद्ध करने के खिलाफ संदीप पांडे, किशन काण्डरा और गुलशन सिन्हा के खिलाफ अपराध क्रमांक 26/23 पंजीबद्ध किया गया था। जिसे न्यायालय द्वारा 20 जनवरी 2025 को वापस लिया गया।

एनएच 130 में चक्का जाम कर नारेबाजी करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के खिलाफ पुनीत राम, भोजलाल, योगीराज मदराम पटेल, धनु साहू, तेजराम साहू, मिट्ठू साहू इशू साहू, पुलस्त साहू, गजेंद्र कोमर्रा, भुवनलाल प्रधान, शेखर साहू, राजेश पटेल, खिलेश्वर साहू, हेमलाल जगत, चुलु राम, प्यारेलाल पटेल, कन्हैयालाल, कुति बाई, मोहित यादव, परमानंद साहू, रामानंद साहू, नूतन सागर, मोतीलाल जगत, यमराज यादव, अशोक पटेल और गोपाबंधु पटेल के खिलाफ अपराध क्रमांक 70/23 पंजीबद्ध किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 5 मार्च 2025 को वापस लिया गया।

एनएच 130 में चक्का जाम कर नारेबाजी करने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के खिलाफ योगराज माखन, गुरु नारायण तिवारी, पुनीत राम सिन्हा, ठेलू राम कश्यप, संजय दुबे, धनीराम सिन्हा, लंबोदर साहू, तान सिंह, कुमारी विनीता यादव, गोवर्धन मांझी, निर्भय ठाकुर और जय अवस्थी के खिलाफ अपराध क्रमांक 8/23 पंजीबद्ध किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 5 मार्च 2025 को वापस लिया गया।

ग्राम उरमाल चौराहा पर स्थानीय समस्याओं को लेकर आम रास्ता रोकने के कारण विभा अवस्थी, प्रकाश चंद्र, बंटी जैन अरविंद सोम, बोधन नायक, नेहरू लाल, अर्जुन पोरते, दीपक चंद कश्यप, राजकुमार और जय भारत के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/19 पंजीबद्ध किया गया जिसे न्यायालय द्वारा 5 मार्च 2025 को वापस लिया गया।

सहदेव पटेल, गौतम साहू तारक प्रधान, बुनधर सिंह, नवीन साहू, तुलेश्वर पटेल, रोशन साहू, देवशरण साहू, फाल्गुन साहू और घनश्याम साहू द्वारा प्रार्थी के गाड़ी को तोड़फोड़ किए जाने और आम रास्ता को बलपूर्वक रोके जाने के खिलाफ अपराध क्रमांक 72/22 पंजीबद्ध किया गया था। जिसे न्यायालय द्वारा 5 मार्च 2025 को वापस लिया गया।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। 17 फरवरी 2023 को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर रंगीला चौक पर विरोध प्रदर्शन के मामले में विमल गुप्ता, अवनीश गुप्ता, कृष्णा पासवान, बिट्टू पाल, राजू बाड़े, नंद किशोर गुप्ता, दयाल विश्वास, सुनील तिवारी और अन्य के खिलाफ अपराध क्रमांक 42/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 14 दिसंबर 2024 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई।

कोरबा जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। मभाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 17 फरवरी 2023 को पाल क्षेत्र में सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने के मामले में रोशन सिंह राजपूत, राजेश राजपाल, संजय भावनानी, मुकेश कौशिक, विकी अग्रवाल और विशाल मोटवानी के खिलाफ अपराध क्रमांक 53/23 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 10 जनवरी 2025 को इस प्रकरण को वापस लिया गया।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। 17 फरवरी 2023 को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भारत माता चौक पर चक्काजाम करने के मामले में अजय गोपाल, अमित तिवारी, सैयद बरगाह और हरिनाथ खुंटे के खिलाफ अपराध क्रमांक 71/2023 दर्ज किया गया था। न्यायालय द्वारा 04 मार्च 2025 को इस प्रकरण की वापसी को स्वीकृति दी गई।

धमतरी जिले के 2 प्रकरण को वापस लिया गया है। आरोपीगण द्वारा ग्राम बाजारकुर्रीडीह में धान खरीदी केंद्र खोलने एवं कुकरेल से बिरझुरी तक डामरीकरण सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्का जाम एवं आवागमन बाधित करने के कारण अनीता ध्रुव, राज भाई ध्रुव, देवकी ध्रुव, वामन साहू, अजय यादव, मोहनदास मानिकपुरी, सुखराम साहू, चिंताराम ध्रुव, रोमन साहू, संतोष यादव, राजेंद्र साहू, भुनेश ध्रुव, सत्यवान मरकाम, मीनेश ध्रुव, भगवान सिंह सिंहा और नरेंद्र चंद्राकर के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/22 पंजीबद्ध किया गया था। न्यायालय द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2025 को प्रकरण वापस लिया गया।
वही अनुराम चंद्राकर और विजय मोटवानी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने के कारण अपराध क्रमांक 467/22 पंजीबद्घ किया था। जिसे न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2025 को वापस लिया गया।

बलौदा बाजार जिले के 1 प्रकरण को वापस लिया गया है। नितिन सोनी, चितावर जायसवाल, रोहित साहू,सलमान शेख, कमल भारद्वाज, सतीश पटेल, प्रकाश शर्मा और संकेत शुक्ल द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के खिलाफ अपराध क्रमांक 64/2021 पंजीबद्ध किया गया था। जिसे न्यायालय द्वारा 8 मार्च 2025 को वापस लिया गया।

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