7 Mar 2026, Sat

युक्तियुक्तकरण को निरस्त करने की मांग : सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव का आरोप – कण्डिका दस के बिन्दु 4 का पूर्णतः नहीं किया जा रहा पालन, अगले वर्ष रिटायर होने वाली महिला प्रधान पाठक का भी हुआ युक्तिकरण

कोरबा/रायपुर, 02 जून 2025

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है । इस नाराजगी के बावजूद प्रदेश के हरेक जिले में युक्तिकरण की प्रक्रिया चल रही है । ऐसे में कोरबा जिले में युक्तिकरण को रद्द करने के मांग सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव विपिन यादव ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर की है । उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि 31 मई 2025 को किये गये विसंगतिपूर्ण अतिशेश सहायक शिक्षकों की विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण काउंसलिंग प्रक्रिया को निरस्त किया जावे, क्योंकि उक्त प्रक्रिया में सचिव, शिक्षा विभाग द्वारा जारी परिपत्र के कण्डिका दस के बिन्दु 4 का पूर्णतः पालन नहीं किया गया, जिसके कण्डिका दस के बिन्दु 4 में उल्लेखित है कि, ’’काउंसलिंग हेतु जितने शिक्षक अतिशेश है उतनी ही संख्या में शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय एवं अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को दर्शित किया जाये। किन्तु यहां यह ध्यान में रखा जायेगा कि, सभी शिक्षक विहीन विद्यालयों एवं इसके पश्चात् सभी एकल शिक्षकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से दर्शित किया जाये। तद्नुपरांत आवश्यकतानुसार अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को दर्षित किया जाये।‘‘

31 मई को आयोजित अतिशेष सहायक शिक्षकों के काउंसलिंग में विसंगति:- कण्डिका दस के बिन्दु 4 से ’’काउंसलिंग हेतु जितने शिक्षक अतिशेष है उतनी ही संख्या में शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय एवं अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालयों को दर्शित किया जाये।’’ का पालन किया गया। जो कि नियोक्ता कैडर (सहायक शिक्षक के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षक के मामले में संभागीय संयुक्त संचालक एवं व्याख्याता के मामले में संचालक) द्वारा उस स्थिति में लागू किया जाना था, जब अतिशेष शिक्षक संवर्ग की संख्या अधिक एवं रिक्त पदों की संख्या कम होती। क्योंकि नियोक्ता कैडर के पद कम होने पर भी कैडर से बाहर पदस्थापना नहीं किया जाना है। इसलिए अतिशेष सहायक शिक्षकों के संख्या के बराबर रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाना होगा।

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जबकि कोरबा जिला में अतिशेष सहायक शिक्षकों की संख्या कम एवं शिक्षक विहीन तथा एकल शिक्षकीय विद्यालयों में रिक्त पदों की संख्या अधिक है। इस स्थिति में कण्डिका दस के बिन्दु 4 में उल्लेखित ’’किन्तु यहां यह ध्यान में रखा जायेगा कि, सभी शिक्षक विहीन विद्यालयों एवं इसके पश्चात् सभी एकल शिक्षकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से दर्शित किया जाये।’’ का पालन किया जाना चाहिए था। यह भी तथ्यात्मक है कि अतिशेष के रूप में चिन्हांकित सहायक शिक्षकों के वर्तमान पदस्थापना विद्यालय के आसपास ही कई शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालय मौजूद हैं। जिसे काउंसलिंग प्रक्रिया में दर्शित नहीं किया गया है।

अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त बिन्दुओं को दृश्टिगत रखते हुए दिनांक 31.05.2025 को किये गये अतिशेष सहायक शिक्षकों की विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण काउंसलिंग प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की कृपा करेंगे।

आपको बताते चलें कि जानकारी के मुताबिक एक महिला प्रधान पाठक जिनका अगले वर्ष रिटायरमेंट है, उन्हें भी ग्रामीण अंचल में युक्तिकरण कर दिया गया है । वहीं संघ ने 90 एकल शिक्षकीय पद छुपाकर काउंसलिंग करने का आरोप लगाया है ।

विपिन यादव ने कहा कि सहायक शिक्षकों ने विसंगति काउंसलिंग के निरस्त करने हेतु संघ को निवेदन किया था जिस पर आज हमने कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से विसंगति पूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की । विपिन यादव प्रदेश महासचिव सर्व शिक्षक संघ व जिला सचिव जय कुमार राठौर उपस्थित रहे ।

 

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