प्रमोद मिश्रा
बलौदाबाजार/रायपुर, 06 जून 2025

छत्तीसगढ़ में आए दिनों शेयर मार्केट में पैसा लगाने के नाम पर लोगों से ठगी के मामले सामने आते रहे हैं । एक बार फिर ग्राम महकम से ऐसा ही मामला सामने आया है । दरअसल, पेशे से सरकारी शिक्षक रामनारायण साहू लोगों से करोड़ों रूपये की ठगी कर रफूचक्कर हो गया है । जानकारी के मुताबिक तकरीबन 1500 करोड़ रूपये की ठगी को रामनारायण साहू ने अंजाम दिया है । दरअसल, बलौदाबाज़ार जिले के सोनाखान चौकी के महकम गांव के रहने वाले रामनारायण साहू ने पैसा दौगुना करने के नाम पर हजारों सरकारी शिक्षको समेत कई बड़े व्यापारियों व समाजसेवियों को अपना निशाना बनाया है ।
पुरा मामला बलौदा बाजार जिले के सोनाखान चौकी परिक्षेत्र के महकम गांव निवासी रामनारायण साहू जो की एक सरकारी शिक्षक है और सरकारी शिक्षक होने के बावजूद भी उसने ठग का व्यापार चला रखा है, उसने क्षेत्र की जनता और कई सरकारी शिक्षकों समेत कई बड़े व्यापारी व समाजसेवियों को अपना निशाना बनाया और शेयर बाजार में पैसा दोगुना का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी की गई। सूत्रों की मिली जानकारी के अनुसार आंकड़ों की बात करे तो लगभग 1500 सौ करोड़ की ठगी रामनारायण साहू द्वारा की गई । बताया जा रहा है कि रामनारायण साहू अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के खातों में करोड़ों का ट्रांजैक्शन करवाता था, अब करोड़ों की ठगी करके रामनारायण साहू और उसका परिवार गाँव से फरार हो गए है, हालांकि इस पूरे मामले में थाना में मामला दर्ज नहीं हुआ है, स्थानीय नागरिक और लेनदार महाठग रामनारायण साहू की तलाश करने में जुटे हुए है, कभी भी इस महाठग रामनारायण साहू के ऊपर एफआईआर दर्ज हो सकता है ।
आरोपी के घर से दो किमोमीटर की दूरी पर ही पुलिस चौकी
इस मामले में ताज्जुब की बात यह भी है कि रामनारायण साहू के घर से पुलिस चौकी सोनाखान की दूरी बमुश्किल दो किलोमीटर ही होगी । बावजूद, इसके पुलिस को इतने बड़े ठगी की खबर कैसे नहीं लगी, यह ताज्जुब की बात है । इस मामले में पुलिस महकमे पर सवाल इसलिए भी खड़े होता है क्योंकि क्षेत्र के लोगों के साथ दूर दराज के लोगों को भी इसकी पूरी जानकारी थी । ऐसे में पुलिस महकमा को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर जानकारी होने के बावजूद पुलिस शांत थी, यह भी एक बड़ा सवाल है।
सरकारी शिक्षक और कर्मचारियों के साथ बड़े व्यापारी फंसे जाल में
इस सरगना के पीछे अकेले रामनारायण साहू ही नहीं है बल्कि इस मामले में कई शिक्षक भी लिप्त हैं। दरअसल, कई शिक्षकों ने मोटी रकम की चाह में एजेंट बनकर भी काम किया है । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रामनारायण साहू ने पहले शिक्षकों को अपने लालच में फंसाया फिर बाद में यहीं शिक्षक एजेंट के तौर पर कार्य करने लगे। सूत्रों की माने तो शिक्षकों ने अपने शिक्षक साथियों को अपने जाल में फंसाया, कई शिक्षकों ने तो बकायदा अपने शिक्षक साथियों को स्टांप में नोटरी कराकर पैसा लिया है। रामनारायण साहू के जाल में क्षेत्र के शिक्षक, पटवारी, सरकारी कर्मचारी और व्यापारी फंसे हैं ।
संस्था बनाकर बनाया लोगों को बेवकूफ
कहते है जो चोरी करता है, वो अपने बचने का रास्ता भी बनाकर चलता है । कुछ ऐसा ही काम रामनारायण साहू ने भी किया है । रामनारायण साहू ने बड़ी चालाकी से एक संस्था बनाई, जिसमें इंटरनेशनल और नेशनल अध्यक्षों की नियुक्ति हुई । इस संस्था का नाम ऐसा रखा की मानों करप्शन को रोकने की जिम्मेदारी इन्होंने ने ही ली है । इस संस्था का नाम एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया रखा गया । इस संस्था में इंटरनेशनल और नेशनल अध्यक्ष बनाए गए । संस्था का कार्यक्रम बकायदा बैंगलोर में कराया गया और कई शिक्षक भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए । इस कार्यक्रम में बकायदा बॉलीवुड के कलाकार को बुलाकर सम्मान दिलाया गया ।
इस मामले में और खुलासे आपके सामने लाएंगे अगली खबर में…कैसे शिक्षकों ने दिया निवेशकों को नोटरी किया हुआ पेपर…8 प्रतिशत व्याज और मूलधन जमा के लालच में कैसे लूट गए शिक्षक की अलख जगाने वाले शिक्षक….





