प्रमोद मिश्रा
बलौदाबाजार, 7 जून 2025

आदिवासी महिलाओं के पोषण स्तर और आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु जिला प्रशासन द्वारा सार्थक पहल की गई है। उद्यानिकी विभाग द्वारा कसडोल विकासखंड के ग्राम बल्दाकछार की विशेष पिछडी कमार जनजाति की महिलाओं को सब्ज़ी और फल उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह पहल की गई है। सोनी ने कहा कि पोषक सब्ज़ियों को आहार में शामिल करने से महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार आयेगा, वहीं अधिक मात्रा में उत्पादन होने पर महिलायें सब्जियों का विक्रय कर आमदनी भी अर्जित कर पाएंगी।
सहायक संचालक उद्यानिकी आभा पाठक ने बताया कि बल्दाकछार में हंस वाहिनी स्व सहायता समूह की महिलाएं फूलबाई, फुलेश्वरी, देशियाबाई, पुन्नी बाई, सहोदरा बाई, केरो बाई, सुखवंतीन, बुधारबाई और दिल कुमारी ने सब्ज़ी उत्पादन कार्य में रुचि दिखाई, जिसके बाद उद्यानिकी विभाग द्वारा इन महिलाओं को सब्ज़ी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को फल-सब्ज़ी उत्पादन के लिए शासकीय ज़मीन उपलब्ध कराई गई है, जहाँ पर मौसमी सब्जियां जैसे भिंडी, बरबट्टी, करेला, लौकी, लाल भाजी, करमता भाजी, पालक भाजी इत्यादि का रोपण किया गया है। पहले चरण में महिलाओं द्वारा क़रीब 6 किलोग्राम भाजी की तोड़ाई की गई है, जिसका उपयोग महिलाओं द्वारा अपने घरेलु भोजन में किया गया। आने वाले एक महीने में भिंडी और बरबट्टी की भी फसल तैयार हो जाएगी। इसके अलावा महिलाओं को नार वाली फसलों में स्टेकिंग और ट्रेलिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
इसके अलावा मनरेगा मद से एक एकड़ भूमि में मिश्रित फल पौध रोपण का कार्य किया गया है, जिसमें आम, अमरूद, कटहल, सीताफल, आँवला और जामुन के लगभग 100 पौधे लगाए गए हैं। साथ ही उद्यानिकी विभाग के तकनीकी निर्देशन में इन महिलाओं को फलदार पेड़ों की दस हज़ार नर्सरी उत्पादन का कार्य भी कराया जा रहा है। विभाग द्वारा आगामी समय में अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित करने के प्रयास किये जाएंगे।





