मीडिया 24 डेस्क
मनेंद्रगढ़, 16 जून 2025

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बालागांव के जंगल में एक प्रेमी युगल का शव एक ही फंदे पर झूलता हुआ मिला। दोनों ने आत्महत्या कर ली। आशंका है कि उनका प्रेम संबंध अलग-अलग जाति से होने के कारण परिवार वालों को मंजूर नहीं था।
मामला मनेंद्रगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत सरईटोला के घुटरा गांव के अमर सिंह (24 वर्ष) और गांव की ही 20 वर्षीय युवती चंपा बाई अगरिया के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। गुरुवार रात से दोनों अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजन उनकी तलाश में जुटे हुए थे।
जंगल में मिला शव, बदबू से फैली सनसनी
रविवार सुबह बालागांव के कुछ ग्रामीण जब जंगल की ओर गए, तो घाघी नदी के किनारे एक पेड़ पर दोनों के शव फंदे से लटके मिले। शवों से बदबू उठने लगी थी, जिससे अंदाजा लगाया गया कि घटना दो दिन पुरानी हो सकती है। तत्काल सूचना मनेंद्रगढ़ पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
ग्रामीणों ने मृतकों की पहचान अमर सिंह और चंपा अगरिया के रूप में की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया है। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
एक ही परिवार में तीसरी आत्महत्या
इस हृदयविदारक घटना से गांव में मातम छा गया है। हैरानी की बात यह है कि अमर सिंह के परिवार में यह तीसरी आत्महत्या है। कुछ समय पहले अमर के पिता प्रेम सिंह और एक बहन ने भी फांसी लगाकर जान दे दी थी। अब बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
जाति बनी बाधा, प्रेम अधूरा रह गया
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के प्रेम संबंध की जानकारी गांव में थी, लेकिन जाति अलग होने की वजह से उनके परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे। सामाजिक दबाव और परिजनों की असहमति से तंग आकर दोनों ने जीवन खत्म करने का फैसला कर लिया।
पुलिस जुटी जांच में
मनेंद्रगढ़ पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। आत्महत्या के पीछे के कारणों को स्पष्ट करने के लिए युवती और युवक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस मामले में किसी ने उन्हें उकसाया तो नहीं।





