कवर्धा, 17 जून 2025 — छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिला अस्पताल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। टीकाकरण के कुछ ही घंटों बाद तीन दिन के एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पंडरिया निवासी आशीष निर्मलकर शुक्रवार को अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए कवर्धा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। शादी के सात साल बाद यह दंपती की पहली संतान थी। अस्पताल में डॉक्टरों की सलाह पर शनिवार को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। मां और नवजात दोनों स्वस्थ थे।

डिलीवरी के दो दिन बाद, सोमवार की सुबह अस्पताल परिसर में बच्चे को नियमित टीका लगाया गया। लेकिन टीका लगते ही नवजात की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, बच्चा बेहोश हो गया और उसका शरीर नीला पड़ने लगा। आनन-फानन में उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन आधे घंटे बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि टीकाकरण के बाद बच्चे को सही समय पर इलाज नहीं मिला और लापरवाही के चलते उसकी जान चली गई। आक्रोशित परिवार ने अस्पताल प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच, मीडिया द्वारा सिविल सर्जन डॉ. केशव ध्रुव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. बी एल राज से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों ही अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।
घटना को लेकर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और शिशु सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।





