बिलासपुर, 28 जून 2025
बिलासपुर के गौ सेवा धाम से जुड़े गौसेवकों ने आज अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मोपका तालाब में उतरकर जल सत्याग्रह किया। सुबह 10:30 बजे से शुरू हुए इस सत्याग्रह में गौसेवक पानी में खड़े रहकर सरकार और प्रशासन से गौ माता की सेवा और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की गुहार लगाते रहे।

इससे पहले गौसेवकों ने मस्तूरी से बिलासपुर तक दण्डवत यात्रा निकालकर प्रशासन को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा था और 15 दिनों की समयसीमा दी थी, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के कारण आज जल सत्याग्रह का रास्ता अपनाया गया।
गौसेवकों की प्रमुख मांगें:
- बिलासपुर गौ सेवा धाम को घायल गौमाताओं की सेवा के लिए स्थायी भूमि आवंटित की जाए।
- गौ-तस्करों पर कठोर कार्रवाई करते हुए उनके बैंक खातों की जांच की जाए।
- किसानों को गोबर की कीमत दी जाए और प्रति गौवंश ₹1000 मासिक सेवा शुल्क प्रदान किया जाए।
- जिला वेटनरी अस्पताल को 24 घंटे चालू रखा जाए और लापरवाह डॉक्टरों को तत्काल निलंबित किया जाए।
- महाराष्ट्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी गौमाता को ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया जाए।
शाम को गौसेवकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने कलेक्टर से चर्चा कर उचित समाधान का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने सोमवार तक मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
‘उल्टे पैर सत्याग्रह’ की चेतावनी
गौसेवकों ने आंदोलन को “उल्टे पैर सत्याग्रह” नाम दिया है। उनका कहना है कि अगर माँगें नहीं मानी गईं, तो हर 15 दिनों में विरोध जारी रहेगा।
गौसेवकों का संदेश था—
“हम उल्टे पैर आपके घर आ गए, अब आप सीधे पैर गौ सेवा धाम आकर गौमाता की सुध लीजिए।”
आंदोलन में शामिल प्रमुख गौसेवक:
विपुल शर्मा, ओमेश बिसेन, गोपालकृष्ण रामानूज दास बाबा शर्मा, मंजीत सिंह, आचार्य सचिन शिवांश पांडेय, अंकित तिवारी, निहाल राके, आकांक्षा कौशिक, सिद्धार्थ शर्मा, शत्रुघ्न यादव, शुभम शुक्ला, शुभम साहू, जितेंद्र लकड़ा, शांतनु पांडेय, आशीष त्रिपाठी, मुकेश कश्यप, बाबा सोमावार, आशीष यादव, राज यादव, मनीष कौशिक, युवराज साहू, वैष्णव, दिव्यांश रजक, अभिषेक गुप्ता, विकास यादव, मोहन श्रीवास, रवि ताम्रकार, विशु साहू, पुष्पदंत शर्मा और विनय शर्मा।
गौसेवकों ने साफ कहा है कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है, जब तक सरकार सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।





