प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 12 जुलाई 2025

कोनी–मोपका बायपास मार्ग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया अब गति पकड़ चुकी है। इस 13.40 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन के रूप में विकसित करने हेतु शासन को ₹6313.03 लाख (₹63.13 करोड़) का प्रस्ताव भेजा गया है। यह मार्ग पहले वर्ष 2010 से 2016 के बीच निर्मित हुआ था, परन्तु भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव एवं तकनीकी कारणों से यह मार्ग अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
मार्ग का मूल निर्माण IRC 37-2001 मापदंडों के अनुसार 15 वर्षों की डिज़ाइन लाइफ के लिए किया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान ही भारी ट्रैफिक—विशेषकर औद्योगिक वाहनों—के गुजरने से इसकी सब-ग्रेड और क्रस्ट क्षतिग्रस्त हो गई। क्षेत्र में स्थित एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन फैक्ट्रियां और कोल वाशरी जैसे प्रमुख औद्योगिक इकाइयों से भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क पर अतिरिक्त दबाव बना।
इसके अतिरिक्त, मार्ग के दोनों ओर दो फसली कृषि भूमि होने के कारण 8–9 माह जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर और प्रभाव पड़ा है। जून 2014 से जून 2016 के बीच अरपा नदी पर बने पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण कोनी–मोपका मार्ग से वैकल्पिक रूप से समस्त ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था। इस अप्रत्याशित भार के कारण मार्ग की संरचना प्रभावित हुई और अब इसकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।
वर्तमान में इस मार्ग पर दर्ज यातायात घनत्व 14903 PCU और 2221 CBPD है, जो लगभग 40 MSA भार के बराबर है—यानी मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक लोड हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने वर्ष 2025–26 के बजट में BI No. 4797 के अंतर्गत फोरलेन निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए ₹6313.03 लाख की लागत का प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्वीकृति हेतु भेजा गया है, जिसकी प्रशासनिक प्रक्रिया वर्तमान में प्रगतिरत है। स्वीकृति मिलने के पश्चात कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाने में सहायता मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।





