प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 14 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने राहुल गांधी की आदिवासी नेताओं से हालिया मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर आदिवासी समाज के साथ छल का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम पर भी सवालों की बौछार कर दी।
केदार कश्यप ने कहा कि राहुल गांधी से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता क्या सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट आए या छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के हक़ की बात भी उठाई? उन्होंने पूछा कि कहीं यह मुलाकात भी परंपरागत “चरणवंदना और चाटुकारिता” तक ही सीमित तो नहीं रह गई?
कांग्रेस पर केदार कश्यप के प्रमुख आरोप और सवाल
🔴 राज्यसभा प्रतिनिधित्व का मुद्दा
केदार कश्यप ने पूछा कि जब कांग्रेस की भूपेश सरकार थी, उस वक्त छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजे गए तीनों सांसद गैर-छत्तीसगढ़ी क्यों थे? क्या कांग्रेस को प्रदेश के किसी आदिवासी नेता में काबिलियत नहीं दिखी?
🔴 तेज हमला
“तीनों सीटें दिल्ली के इशारे पर बेच दी गईं — क्या दीपक बैज ने राहुल गांधी से इस पर सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई?”
🔴 धर्मांतरण और वर्ग संघर्ष
कश्यप ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में कांग्रेस के शासन में धर्मांतरण के चलते वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी ने कभी अपने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस पर जवाबदेही क्यों नहीं मांगी?
🔴 तेन्दूपत्ता संग्राहकों और चरणपादुका योजना का मुद्दा:
कश्यप ने भूपेश सरकार पर आदिवासी क्षेत्रों के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि चरणपादुका जैसी योजनाओं को भी बंद कर दिया गया, और कांग्रेस नेता तब मौन क्यों रहे?
🔴 बैज-मरकाम पर चुप्पी का आरोप:
केदार कश्यप ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब आदिवासियों की उपेक्षा पर बैज और मरकाम ने आवाज नहीं उठाई, तो अब राहुल गांधी के सामने वे क्या कहेंगे? उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा — “क्या बैज ने सिर्फ जाकर ‘सर, नमस्ते’ किया और लौट आए?”





