प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 16 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पीएम आवास ग्रामीण योजना में गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की।
महंत ने विधानसभा में कहा कि सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें मृतकों के नाम पर आवास स्वीकृत होना, आवास के ऊपर दुकान संचालित होना और अपूर्ण मकानों को पूर्ण दर्शाना जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं हैं। उन्होंने कोटा, मनेंद्रगढ़ और तखतपुर समेत कई स्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में पैसे लेकर आवास आवंटित किए गए हैं।
महंत ने आरोप लगाया कि “राज्य सरकार इस योजना में हो रहे भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नहीं करवा सकती, न ही EOW जैसी एजेंसियां इसकी तह तक जा सकती हैं। इसलिए मैं यह मांग करता हूं कि पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि जिन-जिन जिलों में शिकायतें मिलेंगी, वहां के कलेक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री ने उनके आरोपों पर जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा।
विपक्ष द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे से विधानसभा की कार्यवाही में तीखी बहस छिड़ गई और भ्रष्टाचार के आरोपों ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।





