नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025
उपराष्ट्रपति

जगदीप धनखड़ ने सोमवार (21 जुलाई) की रात अपने पद से इस्तीफा दिया। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक का था। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को पद छोड़ने की वजह बताई। मंगलवार (22 जुलाई) को राष्ट्रपति द्रोपद्री मुर्मू ने जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने आगे की कार्यवाही के लिए गृह मंत्रालय को इस्तीफा भेज दिया है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है । कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को बताया, ’21 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे श्री जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की अध्यक्षता की। इस बैठक में सदन के नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत ज़्यादातर सदस्य मौजूद थे। थोड़ी देर की चर्चा के बाद तय हुआ कि समिति की अगली बैठक शाम 4:30 बजे फिर से होगी।
शाम 4:30 बजे धनखड़ जी की अध्यक्षता में समिति के सदस्य दोबारा बैठक के लिए इकट्ठा हुए। सभी नड्डा और रिजिजू का इंतज़ार करते रहे, लेकिन वे नहीं आए। सबसे हैरानी की बात यह थी कि धनखड़ जी को व्यक्तिगत रूप से यह नहीं बताया गया कि दोनों मंत्री बैठक में नहीं आएंगे। स्वाभाविक रूप से उन्हें इस बात का बुरा लगा और उन्होंने BAC की अगली बैठक आज दोपहर 1 बजे के लिए टाल दी।
इससे साफ है कि कल दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे के बीच जरूर कुछ गंभीर बात हुई है, जिसकी वजह से जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने जानबूझकर शाम की बैठक में हिस्सा नहीं लिया।





