प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 4 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों में भी लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS), राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान जैसी योजनाएं क्षेत्र में व्यापक प्रभाव छोड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी जन-केंद्रित सोच और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत का प्रतिफल है। विषम परिस्थितियों में भी मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने उत्कृष्ट कार्य किया है।”
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार पूरे छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। “बस्तर में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, त्वरित उपचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है,” उन्होंने कहा।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) में उल्लेखनीय उपलब्धियां
1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक बस्तर संभाग की 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 65 संस्थानों का सर्टिफिकेशन कार्य प्रक्रियाधीन है। नक्सल प्रभावित कांकेर (8), बीजापुर (2), सुकमा (3), और दंतेवाड़ा (1) जिलों में 14 संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है, जो यह सिद्ध करता है कि विषम परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
नियद नेल्लानार योजना : आयुष्मान कार्ड कवरेज में तेजी
बस्तर संभाग में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत 62,466 राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 36,231 आयुष्मान कार्ड एक वर्ष में ही पंजीकृत किए जा चुके हैं। कुल 52.6 प्रतिशत कवरेज के साथ अब तक 6,816 लोगों को उपचार लाभ मिला है और 8 करोड़ 22 लाख रुपये की क्लेम राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
चिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति ने बदली व्यवस्था
पिछले डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 117 मेडिकल ऑफिसर और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा राज्य स्तर से 75 और जिला स्तर से 307 स्टाफ एवं प्रबंधकीय पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इन नियुक्तियों से बस्तर संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ और मजबूत हुई है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बनीं प्राथमिकता
कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसने बस्तर की तस्वीर ही बदल दी है।
5 से 7 अगस्त तक स्वास्थ्य मंत्री का बस्तर दौरा
बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 से 7 अगस्त तक तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे मेडिकल कॉलेजों की स्वशासी समिति की बैठकें लेंगे, अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांवों में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का भी जायजा लेंगे।
बस्तर संभाग में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।



