प्रमोद मिश्रा
राजिम, गरियाबंद | 9 अगस्त 2025
रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर श्री सिद्ध मनोकामना हनुमान जी मंदिर, राजिम के मुख्य पुजारी भागवताचार्य पंडित विकास मिश्रा ने शास्त्रीय आधार पर रक्षासूत्र बंधन की महत्ता और मुहूर्त की विस्तृत जानकारी देते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

पंडित मिश्रा ने बताया कि भद्रा दोष इस वर्ष रक्षाबंधन पर प्रभावहीन रहेगा, जिससे पर्व पूरे दिन शुभ और मंगलकारी रहेगा। उन्होंने शास्त्र का हवाला देते हुए कहा:
“तेनोदयव्यापिन्यां पूर्णिमायां भद्रोत्तरं सायाह्नसमये रक्षाबन्धनं युक्तम्।”
अर्थात – उदयकालीन पूर्णिमा में भद्रा समाप्त हो जाए, तब रक्षाबंधन करना सर्वोत्तम होता है।
🔍 भद्रा क्या है?
उन्होंने स्पष्ट किया कि भद्रा को सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन माना गया है। उसका स्वभाव उग्र होता है और वह शुभ कार्यों में विघ्न डालती है। इसलिए विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञ आदि की तरह रक्षाबंधन भी भद्रा काल में नहीं मनाना चाहिए।
📅 इस वर्ष भद्रा काल कब?
- 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से रात्रि 1:48 बजे तक ही रहेगा भद्रा दोष।
- 9 अगस्त को पूरा दिन शुभ रहेगा।
✅ रक्षासूत्र बंधन के श्रेष्ठ मुहूर्त:
- सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रक्षासूत्र बांधने का श्रेष्ठ समय।
- सर्वार्थ सिद्धि योग भी इस दिन सुबह 5:47 AM से दोपहर 2:23 PM तक रहेगा।
- प्रदोष काल में भी रक्षाबंधन करना शुभ माना गया है।
🕉️ रक्षासूत्र बंधन की विधि:
- रक्षासूत्र में अक्षत, केसर, चंदन और सोने-चांदी के धागे का प्रयोग करें।
- बहनें भाइयों की आरती उतारें और दीर्घायु की कामना करें।
- राजा, संरक्षक, और ब्राह्मणों को भी रक्षा सूत्र बांधने का शास्त्रों में विधान है।
पंडित मिश्रा ने अंत में कहा कि “जो भी शास्त्र के अनुसार रक्षासूत्र बंधन करता है, वह जीवनभर दोषों से मुक्त रहता है और सुख-समृद्धि को प्राप्त करता है।”





