नई दिल्ली/भोपाल, 18 अगस्त 2025।
जब पूरा देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, तब मध्य प्रदेश के लिए यह गौरव का अवसर है। राज्य के चार ग्राम पंचायतों के सरपंचों को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

यह सम्मान उन पंचायतों को दिया गया है जिन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत ओडीएफ प्लस प्रमाणन और जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल का लक्ष्य हासिल किया है। इनके गांव स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, सामुदायिक नेतृत्व और पर्यावरणीय सतत विकास के मॉडल के रूप में स्थापित हुए हैं। इस वर्ष 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 85 सरपंचों को आमंत्रण मिला है।
मध्य प्रदेश से आमंत्रित चार सरपंच
- लक्षिका डागर (उज्जैन, चिंतामन जवासिया)
21 वर्ष की उम्र में मध्य प्रदेश की सबसे कम उम्र की सरपंच बनीं लक्षिका ने अपने गांव में आंगनवाड़ी केंद्र, संगठित कचरा संग्रह प्रणाली और महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में पंचायत को ओडीएफ प्लस प्रमाणन मिला और आज यह सतत स्वच्छता का आदर्श उदाहरण है। लक्षिका को भारत के सबसे संभावनाशील जमीनी नेताओं में गिना जाता है।
- आरती पटेल (धार, तिरला ग्राम पंचायत)
आरती पटेल ने पंचायत स्तर पर डीजल वाहन उपलब्ध कराकर घर-घर कचरा संग्रह प्रणाली शुरू की। उनके प्रयासों से गांव की स्वच्छता और कचरा निपटान में क्रांतिकारी सुधार हुआ। इसके लिए उन्हें जिला स्तरीय स्वच्छता प्रमाण पत्र 2023–24 से सम्मानित किया गया।
- नीतू परिहार (ग्वालियर, पुरा बनवार ग्राम पंचायत)
नीतू परिहार ने स्वच्छता प्रबंधन को नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में 15 सामुदायिक नेडेप गड्ढे, 10 सोक पिट और 2,300 मीटर ढकी हुई नालियों का निर्माण हुआ। पंचायत ने ओडीएफ प्लस दर्जा प्राप्त किया और पूर्ण डिजिटलाइजेशन व आईएसओ प्रमाणन हासिल किया। राष्ट्रपति द्वारा उन्हें स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 प्रदान किया गया।
- कविता धुर्वे (छिंदवाड़ा, ग्राम पंचायत)
कविता धुर्वे ने शौचालय निर्माण, नेडेप गड्ढे, सोक पिट, पानी की टंकियां और दैनिक कचरा संग्रहण जैसी पहलों से पंचायत को स्वच्छता का आदर्श बनाया। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई और “जुगाड़ स्वच्छता पार्क” विकसित किया। उनके प्रयासों को स्वच्छता ही सेवा अभियान में सराहा गया।
राष्ट्रीय महत्व का सम्मान
इन सरपंचों की उपस्थिति न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत के सामुदायिक नेतृत्व की शक्ति और स्वच्छता क्रांति को दर्शाती है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता” अभियान भी चला रहा है, जो प्रधानमंत्री के विज़न हर ग्रामीण घर तक पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य को मजबूत करता है।





