बलरामपुर, 19 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक हेडमास्टर द्वारा दूसरी कक्षा की छात्रा की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। पिटाई से बच्ची के पैर में फ्रैक्चर हो गया। छात्रा को अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पिछले तीन दिनों से उसका इलाज चल रहा है।
मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कंजिया प्राइमरी स्कूल का है। जानकारी के अनुसार, 5 दिन पहले कक्षा में अन्य बच्चों से बातचीत करने पर हेडमास्टर हेरालुयुस टोप्पो नाराज हो गए और गुस्से में छात्रा ललिता यादव (पिता – शिवकुमार यादव, निवासी जगिमा-पटना) के पैरों पर डंडे से वार कर दिया।

पिटाई के बाद बच्ची को तेज दर्द और सूजन हुई। अगले दिन हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर शंकरगढ़ PHC पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने अंबिकापुर रेफर कर दिया। संजीवनी अस्पताल में जांच में सामने आया कि बच्ची के पैर में फ्रैक्चर है। फिलहाल वह भर्ती है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
पंचायत ने लगाई फटकार, लेकिन खर्च नहीं दिया
घटना के बाद परिजनों ने गांव के सरपंच को जानकारी दी। सरपंच की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई, जिसमें हेडमास्टर भी शामिल हुआ। पंचायत ने तय किया कि इलाज का खर्च हेडमास्टर उठाएगा। हालांकि, परिजनों का कहना है कि अब तक इलाज और दवाओं पर करीब 10 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन शिक्षक ने कोई आर्थिक मदद नहीं दी।
शिक्षा विभाग और पुलिस की प्रतिक्रिया
शंकरगढ़ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) जय गोविंद तिवारी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है, लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं शंकरगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने भी कहा कि पुलिस के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
👉 गंभीर सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग और पुलिस, शिकायत का इंतजार करते हुए बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिला पाएंगे?



