प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 30 सितंबर 2025

बहुचर्चित बिरनपुर कांड में सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर ली है। सोमवार को एजेंसी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगा।
सीबीआई की चार्जशीट में बड़ा खुलासा करते हुए स्पष्ट किया गया है कि बिरनपुर कांड राजनीतिक हत्या नहीं थी। जांच एजेंसी ने किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश से साफ इंकार किया है। वहीं, चार्जशीट में अंजोर यदु का नाम भी कहीं नहीं है, जबकि विधायक ईश्वर साहू लगातार इस हत्याकांड में उनकी भूमिका की बात कहते रहे हैं।
8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो गुटों के बीच हुए विवाद के दौरान भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। यह विवाद बच्चों की आपसी मारपीट से शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि गांव में बवाल हो गया। हिंसा के दौरान कुछ घरों में आगजनी भी हुई।
इसके दो दिन बाद गांव के ही रहीम (55) और उसके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी थी और करीब दो सप्ताह तक गांव में कर्फ्यू रहा। भुनेश्वर साहू हत्याकांड में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले पर विधानसभा में चर्चा के दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं, वे जेल में हैं। इस बीच विधायक ईश्वर साहू ने न्याय की मांग दोहराई। गृहमंत्री ने उनकी पीड़ा को “पराक्रमी पिता का दर्द” बताते हुए सदन में मामले की सीबीआई जांच की घोषणा की।
इसके बाद 27 अप्रैल 2024 को सीबीआई की टीम पहली बार बिरनपुर पहुंची। टीम ने बेमतरा, साजा और बिरनपुर जाकर स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली और पुलिस की विवेचना का पूरा विवरण जुटाकर नए सिरे से जांच शुरू की। अब एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है।
👉 अगला चरण अब कोर्ट की कार्यवाही का होगा, जहां गवाहों के बयान दर्ज होंगे और फिर अदालत इस चर्चित मामले पर फैसला सुनाएगी।





