संजना को एमसीएन पार्टनर्स के बोर्ड ऑफ एडवाइज़र्स में शामिल किया गया है। अब वे दुनिया के कई प्रभावशाली नामों के साथ हैं, जिनमें ग्रैमी अवॉर्ड विजेता जॉन लीजेंड और अभिनेत्री लेक्सी अंडरवुड भी शामिल हैं।

इस अवसर पर संजना ने युवा नेतृत्व और उनके योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा:
“हमारा समय अब है। दुनिया की 50% आबादी 30 साल से कम उम्र की है, लेकिन नेशनल पार्लियामेंट्स में केवल 3% प्रतिनिधि ही इस आयु वर्ग से हैं। अंतर्राष्ट्रीय मदद का 1% से भी कम हिस्सा युवाओं द्वारा संचालित प्रयासों पर खर्च होता है।”
संजना ने आगे कहा कि सफलता अकेले नहीं आती, बल्कि साथ मिलकर ही असली सफलता हासिल होती है। उन्होंने रतन टाटा के विचार का भी हवाला दिया: “यदि आप अकेले चलते हैं, तो तेज़ चलेंगे, लेकिन यदि साथ चलेंगे, तो दूर तक जाएंगे।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल ऐसे युवा नेताओं को जन्म देगी, जो संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और मिलकर काम करने वाले होंगे। संजना ने कहा कि पिछली और आने वाली पीढ़ियाँ उनके साथ हैं और उन्हें मिलकर हर चुनौती का सामना करना चाहिए।
यूएनजीए 2025 में एमसीएन बोर्ड से जुड़कर संजना ने साफ संदेश दिया है: युवा ही वर्तमान और भविष्य के निर्माता हैं। उनका डेटा-आधारित दृष्टिकोण यह बताता है कि स्थायी वैश्विक बदलाव केवल युवाओं की सामूहिक ताकत से ही संभव है।





