दुर्ग, 11 अक्टूबर 2025

पुलिस विभाग में अनुशासन की मिसाल कायम करते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने एक बार फिर कड़े कदम उठाए हैं। यातायात विभाग में पदस्थ आरक्षक अर्जुन दुबे को ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, दुर्ग के सुपेला सब्जी मंडी क्षेत्र में दुबे द्वारा ट्रक और छोटे मालवाहक वाहनों से ₹200 से ₹2000 तक की वसूली की जा रही थी। पहले भी व्यापारियों ने इसकी शिकायत यातायात प्रभारी एएसपी ऋचा मिश्रा से की थी। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने तत्काल बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि दुबे ने ट्रांसपोर्टर दुर्गेश सिन्हा से ₹5600 अपने बैंक खाते में ली थी। जांच अधिकारी एएसपी (ग्रामीण) अभिषेक झा ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपों को प्रमाणित किया।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि आरक्षक को विभागीय प्रक्रिया के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे पहले भी कर्तव्य में लापरवाही के कारण उसकी वेतनवृद्धि रोक दी गई थी। अंततः पुलिस रेग्यूलेशन पैरा 221 (क) के तहत उसकी सेवा समाप्त कर दी गई।
इसी बीच, स्मृति नगर चौकी में पदस्थ एएसआई प्रमोद सिंह और आरक्षक रवि ठाकुर को फरियादियों से दुर्व्यवहार के आरोप में लाइन अटैच किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर उन्हें रक्षित केंद्र में पदस्थ किया गया।
एसएसपी अग्रवाल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वालों और ड्यूटी में लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।





