बिलासपुर, 17 अक्टूबर 2025

बस्तर संभाग में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने संवेदनशील और सराहनीय पहल की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के नेतृत्व में न्यायाधीशों, रजिस्ट्री अधिकारियों, जिला न्यायपालिका और प्रतिनियुक्त न्यायिक अधिकारियों ने स्वेच्छा से एक दिन का वेतन—कुल ₹26,40,506—मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा किया है।
इस मानवीय कदम का उद्देश्य बस्तर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना और कठिन समय में उनके प्रति संवेदना व्यक्त करना है। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि न्यायपालिका की सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
न्यायपालिका ने हमेशा अपने संवैधानिक दायित्वों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की परंपरा कायम रखी है। इस पहल ने यह संदेश दिया कि आपदा और विपदा के समय समाज की असली शक्ति सहयोग और संवेदना में निहित है।
इस पहल से जहां बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत मिलेगी, वहीं यह प्रेरणादायक उदाहरण अन्य संस्थानों और नागरिकों को भी आगे आकर मदद करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।





