प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 29 अक्टूबर 2025

देश में तेजी से बढ़ते एल्युमीनियम आयात को लेकर एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) ने बड़ा चेतावनी संदेश दिया है। एएआई ने उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर सभी एल्युमीनियम उत्पादों (अध्याय 76) पर 15% बेसिक कस्टम ड्यूटी लगाने की मांग की है, ताकि भारत को वैश्विक एल्युमीनियम के “डंपिंग ग्राउंड” बनने से बचाया जा सके।
संगठन ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में भारत में एल्युमीनियम की भारी कमी और घरेलू उद्योग पर गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकता है।
- दुनिया के कई देश एल्युमीनियम पर उच्च शुल्क और गुणवत्ता नियंत्रण लागू कर रहे हैं, जबकि भारत में कम गुणवत्ता वाला एल्युमीनियम और स्क्रैप तेजी से प्रवेश कर रहा है।
- अमेरिका ने एल्युमीनियम आयात शुल्क 10% से बढ़ाकर 50% कर दिया।
- यूरोपीय संघ और यूके में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) के चलते आयात लागत 7%–60% तक बढ़ चुकी है।
- चीन भी 91% से कम एल्युमीनियम वाले स्क्रैप पर रोक और 25% आयात शुल्क लागू कर चुका है।
- घरेलू उत्पादन क्षमता: 4.2 मिलियन टन/वर्ष (दुनिया में चीन के बाद दूसरा स्थान)
- घरेलू निवेश: लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए
- रोजगार: 8 लाख लोगों को नौकरी
🚨इसके बावजूद
- आयात में 250% की बढ़ोतरी
- एल्युमीनियम स्क्रैप आयात 285% बढ़ा
- 2025-26 में आयात घरेलू मांग के 54% तक पहुँचने का अनुमान
कम गुणवत्ता वाला स्क्रैप बिजली के तार, बर्तन और घरेलू उत्पादों में इस्तेमाल हो रहा है जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
1️⃣ सभी एल्युमीनियम उत्पादों पर 15% आयात शुल्क लागू किया जाए
2️⃣ एल्युमीनियम स्क्रैप पर सख्त BIS गुणवत्ता मानक अनिवार्य किए जाएँ
3️⃣ कच्चे माल पर संतुलित शुल्क ढाँचा
4️⃣ नीतियों में एकरूपता लाकर सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा
- उद्योग में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नया निवेश
- 2047 तक निवेश 20 लाख करोड़ रुपए तक पहुँचेगा
- उत्पादन क्षमता 2030 तक बढ़कर 9.2 मिलियन टन/वर्ष
- 1 लाख+ नई नौकरियाँ, MSMEs को बड़ी राहत
- आयात पर निर्भरता में भारी कमी
एएआई ने सरकार से अपील की है कि इन सुधारों को 2026–27 के बजट में प्राथमिकता दी जाए, ताकि एल्युमीनियम उद्योग मजबूत हो और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिल सके।





