
नारायणपुर, 11 नवंबर 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन सरकार की विकास केंद्रित नीतियों के तहत वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने आज 11 करोड़ 82 लाख 31 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास और जनसरोकारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में समावेशी और क्षेत्रीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आज जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है, वे न केवल भूजल संरक्षण और सिंचाई सुविधा को बढ़ावा देंगी, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ करेंगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत —
- ग्राम पंचायत खण्डसरा में 2.98 करोड़ रुपये की लागत से कोटगढ़ नाला पर एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन हुआ।
- ग्राम पंचायत पखनाकोंगेरा में 2.98 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
- मौली माता मंदिर परिसर के पास 2.76 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण कार्य शुरू किया गया।
- ग्राम पंचायत कोटगढ़ में 5 लाख रुपये की लागत से रंगमंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन हुआ।
- ग्राम पंचायत तुरपुरा-1 में हाईस्कूल के सामने पुलिया निर्माण कार्य (3 लाख रुपये) और
- ग्राम पंचायत केशरपाल में झुराबंध तालाब सौंदर्यीकरण कार्य (2 लाख रुपये) की शुरुआत की गई।
वन मंत्री ने कहा कि ये सभी योजनाएँ क्षेत्र की कृषि, जल संसाधन, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाएंगी। उन्होंने कहा —
“सरकार की प्राथमिकता स्थानीय जरूरतों पर आधारित विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना है। इन परियोजनाओं से न केवल आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण और जनविश्वास भी मजबूत होगा। बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में है और यही सुशासन सरकार की असली दिशा है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य जल संसाधन, सड़क, शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उन्होंने क्षेत्र में शुरू हो रहे इन कार्यों को “विकास की नई शुरुआत” बताया।
मुख्य बिंदु —
- नारायणपुर विधानसभा में ₹11.82 करोड़ की विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन
- भूजल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
- ग्रामीण आधारभूत संरचना, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों को मिलेगा प्रोत्साहन
- बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक और ठोस कदम





