कवर्धा, 22 नवंबर 2025
कवर्धा जिले के वनांचल गांव रेंगाखार में शुक्रवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब माध्यमिक और हाईस्कूल की तीन छात्राएं अचानक चीखते हुए बेहोश होकर गिर पड़ीं। यह घटना लगभग 12:30 बजे की है। तीनों छात्राएं बालिका छात्रावास में रहने वाली हैं।

छात्राओं की हालत बिगड़ने पर तुरंत रेंगाखार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां मौजूद डॉक्टर ने कुछ मिनट तक जांच की, लेकिन स्थिति समझ न पाने पर लौट गए। बताया जा रहा है कि डॉक्टर की यह पहली पोस्टिंग है और ऐसी परिस्थितियों का अनुभव नहीं है।
इसी दौरान छात्रावास की अधीक्षिका राधिका खुसरे भी अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने इसे भूत-प्रेत का असर बताते हुए एक कथित बैगा को बुलवा लिया। अस्पताल के एक कोने में बैठाकर दो घंटे तक टोटका और झाड़फूंक की जाती रही। चिल्लाती-बिलखती छात्राओं पर लगातार टोटके किए गए, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
घटना की जानकारी पाकर अभिभावक अस्पताल पहुंचे और बेटियों को घर ले गए। पिछले पाँच दिनों में यह तीसरी बार है जब स्कूल और छात्रावास में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। 15–16 नवंबर को भी 8–10 छात्राएं अचानक बेहोश हो चुकी थीं और तब भी अधीक्षिका ने “भूत-प्रेत” का हवाला देकर सभी को घर भेज दिया था।
बोड़ला बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने घटना पर असहमति जताई और कहा कि अस्पताल परिसर में इस तरह के टोटके नहीं होने चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
स्कूल और छात्रावास में लगातार ऐसी घटनाओं से अन्य छात्राओं में भय का माहौल है। अभिभावक भी बच्चियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
कवर्धा का यह मामला एक बार फिर सिस्टम, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े सवाल खड़ा करता है।





