7 Jun 2026, Sun

भिलाई का मैत्री बाग जू होगा निजी हाथों में : बीएसपी ने मांगे EOI, 60 साल पुराने जू को पहली बार पूरी तरह आउटसोर्स करने की तैयारी

भिलाई, 24 नवंबर 2025


देश में सफेद बाघों के प्रमुख संरक्षण केंद्रों में शुमार मैत्री बाग जू को अब निजी तौर पर चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) प्रबंधन ने इसके लिए इच्छुक कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं। लगभग 60 साल पुराने इस ऐतिहासिक जू को पहली बार पूरी तरह आउटसोर्स किया जा रहा है।
प्रबंधन का कहना है कि हर साल बढ़ते खर्च और भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

 

 


✦ सफेद बाघों का बड़ा केंद्र, देश को दिए 13 वाइट टाइगर

मैत्री बाग देशभर में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के रूप में पहचान रखता है।

  • 1990 में नंदन कानन से पहला सफेद बाघ जोड़ा यहां लाया गया।
  • अब तक 19 सफेद बाघों का जन्म यहीं हुआ।
  • इनमें से 13 बाघों को राजकोट, कानपुर, इंदौर, बोकारो, रायपुर और मुकुंदपुर सहित कई राज्यों में भेजा गया।
  • वर्तमान में यहां 6 वाइट टाइगर मौजूद हैं।

देश में अनुमानित 160 सफेद बाघों में से 19 अकेले मैत्री बाग की देन हैं।


✦ 1965 में नींव, 1972 में मिला जू का स्वरूप

बीएसपी की स्थापना के आठ साल बाद 1965 में मैत्री बाग की शुरुआत एक गार्डन के रूप में हुई।
1972 में इसे जू में विकसित किया गया। शुरुआती दौर में यहाँ सिर्फ भालू और बंदर थे।
1976–78 के बीच यहाँ शेर और बाघ भी लाए गए।

आज यह जू लगभग 140 एकड़ में फैला है और

  • करीब 400 वन्य प्राणियों,
  • बोटिंग,
  • टॉय ट्रेन,
  • म्यूजिकल फाउंटेन
  • आकर्षक गार्डन
    जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है।
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✦ 12 लाख पर्यटक हर साल, फिर भी बढ़ता घाटा

मैत्री बाग में सालाना लगभग 12 लाख पर्यटक आते हैं, लेकिन

  • बीएसपी हर साल करीब 4 करोड़ रुपए खर्च करता है
  • जबकि 20 रुपए टिकट के हिसाब से आय सिर्फ 1.5 करोड़
    यानी ढाई करोड़ का घाटा हर वर्ष।

जू में वर्तमान में 50 कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रबंधन का कहना है कि आर्थिक असंतुलन से बचने के लिए जू को निजी संचालन में देना ज़रूरी हो गया है।


✦ बोटिंग, गार्डन पहले से ठेके पर – अब पूरा जू भी आउटसोर्स

अभी बोटिंग, पार्किंग और गार्डन संचालन पहले से आउटसोर्स हैं।
लेकिन पहली बार पूरा जू निजी एजेंसी को देने की योजना है।

निजी हाथों में जाने के बाद—

  • टिकट दर में बड़ा इजाफा संभव
  • प्राणियों के आदान–प्रदान और नए प्राणी लाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है
  • जू में आधुनिक सुविधाएँ और आकर्षण बढ़ने की उम्मीद
  • राजस्व में वृद्धि व बेहतर रखरखाव की संभावना

मैत्री बाग के आउटसोर्सिंग पर अब शहर में चर्चाएँ तेज हैं। पर्यटक सुविधाएँ बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन टिकट मूल्य बढ़ने से आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

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By Desk

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