प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 24 नवंबर 2025

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ में आवारा कुत्तों की धरपकड़ के लिए पशुधन विकास विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है। इसी क्रम में डीपीआई ने स्कूल शिक्षा विभाग को एक अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए नया आदेश जारी किया है। अब राज्य के सभी स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान पाठकों को स्कूल परिसर और आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों की जानकारी एक निर्धारित फॉर्मेट में भरकर देना अनिवार्य कर दिया गया है।
दो दिन पहले लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और संयुक्त संचालकों (JD) के माध्यम से निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक स्कूल अपने परिसर और आसपास मौजूद आवारा कुत्तों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करे।
जारी किए गए फॉर्मेट में निम्न जानकारियाँ भरना अनिवार्य है—
- कुत्ते का प्रकार
- मेल / फीमेल
- रंग
- विशेष पहचान
- देखने का समय
- संस्था का नाम
- संकुल, विकासखंड, जिला
इसके बाद प्राचार्य/प्रधान पाठक को इस प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर संबंधित अधिकारियों को भेजना होगा।
स्कूलों के आसपास बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते हैं, जो कई बार बच्चों पर हमला कर देते हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने और कुत्तों की धरपकड़ के लिए DPI ने स्कूलों को मैदान स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका देने का निर्णय लिया है।
इन जानकारियों के आधार पर पशुधन विभाग संबंधित इलाकों में धरपकड़ अभियान चलाएगा।
JD और DEO को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्कूल इस आदेश का पालन करें।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।





