प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 26 नवंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 6 आरोपियों के खिलाफ 6वां पूरक चालान ACB/EOW की विशेष अदालत में पेश किया है।
7,000 पन्नों का यह चालान मामले को आगे बढ़ाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
- निरंजन दास (पूर्व आबकारी आयुक्त)
- अतुल सिंह
- मुकेश मनचंदा
- नितेश पुरोहित
- यश पुरोहित
- दीपेंद्र चावड़ा
इस चालान में घोटाले से जुड़े कई नए दस्तावेज और साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
शराब घोटाले की जांच ED द्वारा भी समानांतर रूप से चल रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराते हुए 3200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया था।
ED की जांच में सामने आया कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में—
- IAS अनिल टुटेजा,
- आबकारी विभाग के MD ए.पी. त्रिपाठी,
- कारोबारी अनवर ढेबर
—के नेतृत्व वाले सिंडिकेट ने मिलकर यह पूरा रैकेट संचालित किया था।
2019 से 2023 के बीच कांग्रेस शासनकाल में शराब नीति में बदलाव कर चहेते सप्लायरों को लाभ पहुंचाया गया।
- इन्हें ऐसी शर्तों के साथ लाइसेंस दिए गए जिससे सिर्फ पसंदीदा कंपनियों ही काम कर सकें।
- नोएडा की एक कंपनी से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई गई।
- नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब सरकारी दुकानों से बेची जाती रही।
- शासन को बिक्री की जानकारी नहीं मिलती थी, क्योंकि टैक्स दर्ज ही नहीं होता था।
➡️ परिणाम: सरकार को 2165 करोड़ रुपए के एक्साइज टैक्स का नुकसान हुआ।
➡️ जांच में सामने आया कि यह पैसा नेताओं–अधिकारियों के बीच बांटा गया, जिसमें कांग्रेस भवन निर्माण तक का खर्च शामिल बताया गया।
शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नाम गिरफ्त में आए—
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
- पूर्व IAS अनिल टुटेजा
- रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर
इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
यह पूरा मामला अब निर्णायक चरण में प्रवेश करता दिख रहा है। अगले कुछ दिनों में और भी बड़े खुलासे और कार्रवाइयों की संभावना जताई जा रही है।





