भोपाल, 26 नवंबर 2025
मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (एमपीएसओएस) और एजुकेट गर्ल्स द्वारा भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बोर्ड की परीक्षाओं और पाठ्यक्रम की व्यापक समीक्षा करना और नई शिक्षा नीति के अनुरूप आवश्यक बदलावों पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम में एमपीएसओएस के डायरेक्टर रविंद्र कुमार सिंह, अकादमिक शाखा से सहायक संचालक सच्चिदानंद प्रसाद, परीक्षा शाखा से सहायक संचालक राम वैद्य, तथा ईएफए विद्यालय के सहायक संचालक रमाकांत तिवारी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रमुख शैक्षणिक विशेषज्ञों सहित कुल 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020), राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ 2023) और एनसीईआरटी के आधार पर ओपन स्कूल और दूरस्थ शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम अपडेट पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
विशेषज्ञों ने कहा कि ओपन स्कूल का पाठ्यक्रम लंबे समय से अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए इसे सरल, लचीला और स्थानीय भाषाओं के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है।
एमपीएसओएस के डायरेक्टर रविंद्र कुमार सिंह ने पाठ्यक्रम अपडेट को समय की मांग बताते हुए कहा कि अब जरूरत है कि पाठ्यक्रम को स्कूल ड्रॉप आउट विद्यार्थियों के अनुरूप बनाया जाए। एजुकेट गर्ल्स संस्था के कंटेंट डेवलपमेंट लीड अरविंद कुमार ने सामग्री के सरलीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
अकादमिक विशेषज्ञों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार विभिन्न विषयों की समीक्षा का कार्य सौंपा गया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि एनआईओएस सामग्री को सरल और संक्षिप्त किया जाए तथा छात्रों को सुलभ शिक्षा मिल सके, इसके लिए पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डायरेक्टर रविंद्र कुमार सिंह ने प्राप्त सुझावों की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले वर्ष (जून + दिसंबर) में 17,000 छात्रों ने ओपन स्कूल की परीक्षाओं में हिस्सा लिया था। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 18,000 से अधिक होने की उम्मीद है, जो ओपन स्कूलिंग की बढ़ती जागरूकता और प्रासंगिकता को दर्शाता है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमपीएसओएस पाठ्यक्रम की समीक्षा और अपडेट करना और नई शिक्षा नीति के अनुरूप परीक्षा स्वरूप एवं सामग्री में सुधार करना था। सभी प्रतिभागियों ने इस दिशा में आधुनिकीकरण और व्यापक सुधार की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।





