बिलासपुर, 26 नवंबर 2025
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर में एक निजी स्कूल में बच्चों को दी जा रही अमानवीय सजा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। KG-2 के एक छात्र को उसकी टीचर ने सिर्फ इसलिए पूरे घंटों पेड़ से लटका दिया, क्योंकि उसने होमवर्क पूरा नहीं किया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावक स्कूल के बाहर भारी संख्या में पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस घटना को गंभीर क्रूरता बताते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा—
“शिक्षा के नाम पर बच्चों के साथ क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। निजी स्कूलों की अव्यवस्था चिंताजनक है, शासन इसे गंभीरता से ले।”
हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को शपथ पत्र में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।
शिक्षा विभाग ने बताया कि मामले में आरोपी शिक्षिका काजल साहू को बर्खास्त कर दिया गया है।
साथ ही स्कूल की मान्यता समाप्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
रामानुजनगर के नारायणपुर गांव स्थित हंसवानी विद्या मंदिर में नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चे पढ़ते हैं।
सोमवार को जब KG-2 की क्लास में होमवर्क चेक किया गया, तो एक बच्चे ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था।
इस पर टीचर काजल साहू भड़क गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार—
- बच्चे को पहले क्लास से बाहर निकाल दिया गया
- उसके बाद स्कूल परिसर में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटका दिया गया
- बच्चा रोता रहा, नीचे उतारने की गुहार लगाता रहा
- लेकिन शिक्षिका ने उसे नहीं छोड़ा
घटना के समय उपस्थित एक ग्रामीण ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आते ही:
- अभिभावक स्कूल पहुंचकर आक्रोशित हो गए
- स्कूल के बाहर जबरदस्त हंगामा किया
- प्रबंधन ने मामले को “मामूली” बताते हुए टालने की कोशिश की, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया
विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच की। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और कार्रवाई जारी है।
फिलहाल इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था, निजी स्कूलों की निगरानी और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





