दुर्ग/भिलाई, 02 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ में नई जमीन गाइडलाइन के विरोध में उतरे जमीन व्यापारियों और पुलिस के बीच 1 दिसंबर को बड़ा टकराव हो गया। दुर्ग में चक्काजाम के दौरान भीड़ से पुलिस पर पानी का पाउच और झंडा फेंके जाने के बाद हालात बिगड़ गए। जैसे ही एक पानी पाउच ASP सुखनंदन राठौर पर लगा, उन्होंने सबसे पहले लाठीचार्ज शुरू किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, पटेल चौक में बातचीत के दौरान भीड़ से अचानक पानी पाउच फेंका गया। इसके तुरंत बाद ASP राठौर ने कार्रवाई शुरू की और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटा। पुलिस का दावा है कि व्यापारियों की तरफ से पुलिस पर झंडा भी फेंका गया, जिससे महिला पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचीं।
दूसरी ओर व्यापारियों ने कहा कि वे पिछले एक हफ्ते से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। इस प्रदर्शन में असमाजिक तत्वों ने माहौल खराब किया और पुलिस को संयम रखना चाहिए था।
प्रदर्शन के बाद देर रात पुलिस ने मामला दर्ज किया।
5 व्यापारियों पर FIR और 8 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
अब तक 3 व्यापारियों—राकेश यादव, अनिल वासनिक और विक्की चंद्राकर—को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की तलाश जारी है।
- मनोज राजपूत (49), भिलाई
- शुभम सिंह राजपूत (23), दुर्ग
- अनिल वासनिक (43), दुर्ग
- राकेश यादव (38), दुर्ग
- विक्की चंद्राकर (32), दुर्ग
- यशवंत सिंह राजपूत (33), दुर्ग
- ओमप्रकाश कोटवानी (48), दुर्ग
- जितेंद्र बत्रा (41), दुर्ग
टकराव में पुलिस के ये जवान जख्मी हुए हैं—
- आरक्षक केशव कुमार
- आरक्षक कमलकांत अंगूरे
- आरक्षक राधेश्याम चंदाकर
- आरक्षक तुषार सलामे
- आरक्षक अजय साहू
- आरक्षक हिमांशु जंघेल
SSP सुखनंदन राठौर ने कहा—
“बिना अनुमति के लोग जुलूस की तरह जमा हो गए थे। भीड़ से पानी पाउच और झंडा फेंका गया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।”
व्यापारियों का कहना है कि—
- नई जमीन गाइडलाइन से कीमतें 5–9 गुना बढ़ गई हैं,
- इससे जमीन व्यवसाय ठप हो रहा है,
- इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।
कन्हैया मिश्रा ने कहा—
“हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। असमाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ा। पुलिस को लाठीचार्ज नहीं करना चाहिए था।”
व्यापारी अब नई रणनीति बनाने के लिए फिर बैठक करेंगे। आंदोलन को आने वाले दिनों में और तेज करने की तैयारी है।





