प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 02 दिसंबर 2025
“नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा”, यह संदेश देते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
यह कार्यक्रम इनोवेशन सेल, एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह राज्य की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधन, पारंपरिक ज्ञान और जनजातीय अनुभव विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं, और नवाचार इनके मूल्य संवर्धन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
“एक छोटा सा नवाचार, मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है,” उन्होंने कहा।
राज्यपाल डेका ने 21वीं सदी को विद्यार्थियों के लिए सबसे सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि इस युग की सबसे बड़ी खोज इंटरनेट है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, माइक्रोप्लास्टिक और मधुमेह को आधुनिक समय की गंभीर समस्याएं बताते हुए युवाओं से इन क्षेत्रों में नवाचार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा —
“देश के भविष्य निर्माता आप हैं। लाभ के लिए नहीं, उद्देश्य के लिए नवाचार करें। असफलता से न डरें क्योंकि वही सफलता का मार्ग बनाती है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं का साहस व जिज्ञासा 2047 के विकसित भारत की नींव रखेगा और भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुंचेगा।
सम्मेलन में एआईसीटीई नई दिल्ली के उप निदेशक डॉ. निखिल कांत ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर विस्तृत जानकारी दी।
एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन आई.पी. मिश्रा ने भी संबोधित किया।
निदेशक निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण दिया जबकि प्राचार्य आलोक जैन ने आभार जताया।
राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग की आईडिया लैब का भी निरीक्षण किया और छात्रों के नवाचार कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर्स और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।





