बिलासपुर, 11 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों की दयनीय स्थिति पर हाईकोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट सामने आने के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव से नया शपथ पत्र मांगा है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की बेंच में हुई। अब अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

रिपोर्ट में बिलासपुर और रायगढ़ जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत बेहद खराब पाई गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकार बताए कि अब तक स्थिति सुधारने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं।
28 अक्टूबर को कोर्ट ने कमिश्नर अमियकांत तिवारी और ईशान वर्मा को आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने भेजा था। दोनों ने कई चौंकाने वाली खामियां बताई—
- मंगला क्षेत्र में बच्चों को खराब भोजन परोसा गया।
- सरकार ने काम कल्याणी स्व-सहायता समूह से लेकर पहल स्वयंसेवी संस्थान को दिया था, लेकिन
निरीक्षण में पाया गया कि
पुराने कर्मचारी ही बच्चों को खाना परोस रहे थे, जबकि खाना सेंट्रल किचन में बन रहा था। - रायगढ़ के कई केंद्र बदहाल, सफाई और पोषण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित।
- भोजन वितरण, निगरानी और स्टाफ की जवाबदेही—तीनों में भारी लापरवाही दर्ज की गई।
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा है कि—
- आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने राज्य ने अब तक क्या कदम उठाए,
- और आगे क्या सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी—
इसका विस्तृत शपथ पत्र जल्द कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की अव्यवस्था, कुपोषण नियंत्रण में लापरवाही और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। इसी के बाद कोर्ट ने जिलों में निरीक्षण के आदेश दिए थे।



