प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 12 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा–दंतेवाड़ा क्षेत्र से सुरक्षा बलों को बड़ी उपलब्धि मिली है। दरभा डिवीजन के कुल 10 माओवादियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया, जिन पर मिलाकर 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें कुख्यात ‘मीडियम भीमा’ (इनामी 8 लाख) भी शामिल है, जो लंबे समय से सुकमा–दंतेवाड़ा बॉर्डर में सक्रिय था और कई नक्सली वारदातों में उसकी भूमिका रही है।
समर्पण के दौरान माओवादियों ने भारी मात्रा में हथियार पुलिस को सौंपे—
- 1 AK-47 राइफल
- 2 SLR राइफलें
- 1 BGL (Barrel Grenade Launcher)
- कई मैगजीन और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस
सुरक्षा एजेंसियों ने इसे क्षेत्र में बढ़ते दबाव और शांति की पहल का सकारात्मक संकेत बताया है।
सूत्रों के मुताबिक सभी माओवादी दरभा डिवीजन के विभिन्न दलमों से जुड़े थे। इनमें से कई पर हत्या, IED ब्लास्ट, पुलिस पार्टी पर फायरिंग, अपहरण और वसूली जैसी गंभीर वारदातों के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
सबसे चर्चित नाम मीडियम भीमा का है, जिस पर 8 लाख का इनाम था और जो लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रहा है।
आत्मसमर्पण कार्यक्रम कंट्रोल रूम में आयोजित किया गया, जहां कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे—
- IG बस्तर पी. सुंदरराज
- CRPF DIG आनंद सिंह राजपुरोहित
- सुकमा SP किरण चव्हाण
- कलेक्टर देवेश ध्रुव
अधिकारियों ने सभी से मुख्यधारा में लौटकर शांति पूर्ण जीवन जीने की अपील की। समर्पण करने वाले माओवादियों ने कहा कि लगातार सुरक्षा बलों की दबाव रणनीति, जंगलों में हिंसा और कठिन परिस्थितियों के चलते उन्होंने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना है। वे अब सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ लेकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं।



