प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 15 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। प्रदेशभर में संचालित 2,739 खरीदी केंद्रों के माध्यम से किसानों से सुगमता के साथ धान खरीदी की जा रही है। यह प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।

इस वर्ष धान खरीदी के लिए 27.40 लाख किसानों ने 34.39 लाख हेक्टेयर रकबा पंजीकृत कराया है। पिछले वर्ष 25.49 लाख किसानों ने 28.76 लाख हेक्टेयर में धान विक्रय किया था। इस तरह इस साल किसानों की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत और रकबे में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। किसान पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से जारी है।
संस्थागत किसान, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान और ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट दी गई है।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘तुहर टोकन’ ऐप के जरिए 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा दी है। अब तक 17.24 लाख टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 87 लाख टन धान खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। किसान आगामी 20 दिनों के लिए अग्रिम टोकन भी ले सकते हैं।
11 दिसंबर 2025 तक धान खरीदी के एवज में किसानों को समर्थन मूल्य के तहत कुल 7,771 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
अवैध धान विक्रय और परिवहन पर नियंत्रण के लिए राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन और मंडी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। राज्य स्तर पर मार्कफेड के अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भी स्थापित किया गया है। अब तक 2,000 से अधिक प्रकरण दर्ज कर 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया जा चुका है।
सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और भुगतान प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।





