कांकेर, 23 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में एक सप्ताह पूर्व हुए बवाल के मामले में नया मोड़ आया है। चर्च के लीडर महेंद्र बघेल ने ईसाई धर्म छोड़ते हुए आज शीतला मंदिर में अपने मूल धर्म हिंदू धर्म को अपनाया।

महेंद्र बघेल ने सर्व समाज की उपस्थिति में पूजा-अर्चना की और रामायण को अपने हाथों से अंगीकार कर हिंदू धर्म अपनाने की शपथ ली। उन्होंने कुछ लोगों के नाम भी लिए, जिन पर बवाल जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। महेंद्र बघेल ने कहा कि आने वाले दिनों में और लोग भी अपने मूल धर्म में लौटेंगे। उन्होंने बताया कि बड़े तेवड़ा गांव में लगभग 200 लोग पहले ही धर्मांतरण कर चुके हैं।
याद रहे कि कुछ दिन पहले बड़े तेवड़ा और आमाबेड़ा गांव में ईसाई समुदाय और आदिवासी समाज के बीच टकराव हुआ था। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा, जिसमें कांकेर आईजी, एडिशनल एसपी समेत कई लोग घायल हुए थे।
इस घटना के विरोध में सर्व समाज ने 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। कांकेर शीतलामंदिर परिसर में सर्व समाज के नेताओं की बैठक में रणनीति बनाई गई। सर्व समाज ने कहा कि यह बंद शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आयोजित होगा और इसमें विभिन्न सामाजिक, जनजातीय और नागरिक संगठन भाग लेंगे।
सर्व समाज का कहना है कि कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय अंचलों में ऐसे विवाद सामने आते रहे हैं। उनका आरोप है कि ईसाई मिशनरियों और उनसे जुड़े समूहों द्वारा योजनाबद्ध ढंग से इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न की जा रही हैं, जिससे समाज में तनाव और वैमनस्य फैल रहा है।





