प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 25 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ राज्य में मंत्रीगण और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सामान्य दौरों, निरीक्षण एवं भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की औपनिवेशिक परंपरा अब समाप्त हो गई है। गृह विभाग ने इसके लिए नियमों में संशोधन का आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर यह बदलाव किया गया है। गृह विभाग ने औपनिवेशिक काल से चली आ रही इस परंपरा की समीक्षा के बाद आदेश जारी किया है, ताकि पुलिस बल की कार्यक्षमता का उपयोग कानून-व्यवस्था सुधार और जनसेवा के कार्यों में अधिक प्रभावी रूप से किया जा सके।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्वयं अधिकारियों को वर्तमान सलामी व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए थे। इसके फलस्वरूप अब राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन-प्रस्थान और निरीक्षण के समय मंत्रीगण, पुलिस महानिदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सलामी गार्ड नहीं दिया जाएगा। यह कदम पुलिस बल की अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्ति और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, राष्ट्रीय और राजकीय समारोहों जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, शहीद पुलिस स्मृति दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस और पुलिस दीक्षांत परेड में गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। साथ ही संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों और विशिष्ट अतिथियों के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार सलामी गार्ड की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस निर्णय को प्रशासनिक सुधार और आधुनिक, जनोन्मुखी व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। अधिकारियों का समय और ऊर्जा अब सीधे जनता की सुरक्षा और सेवा में लग सकेगी, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है।





