प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 29 दिसम्बर 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की वह अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की मजबूत नींव रखी और आज भी अपने अनुभव से राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में पेंशनरों का अनुभव बेहद उपयोगी है।

मुख्यमंत्री आज पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय जिन शासकीय सेवकों ने कठिन परिस्थितियों में काम किया, उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। भले ही वे सेवानिवृत्त हो चुके हों, लेकिन उनका मार्गदर्शन नई पीढ़ी के अधिकारियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित पुस्तकों — करमडार एवं अन्य कथनी और महुवा के फूल का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने पेंशनर संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डीपी मनहर ने कहा कि यह पहला अवसर है जब कोई मुख्यमंत्री पेंशनर संघ के सम्मेलन में शामिल हुआ है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व विधायक भरत साय, डीपी मनहर सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।





