प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 31 दिसंबर 2025

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रायपुर एम्स में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को पर्यावरण, नशा और सामाजिक रिश्तों को लेकर गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का विकास मॉडल प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना आगे नहीं बढ़ पा रहा, इसलिए अब संतुलित विकास का रास्ता अपनाना ही होगा।
भागवत ने अरावली पर्वतमाला का उदाहरण देते हुए चेताया कि अगर अंधाधुंध विकास की दौड़ यूं ही चलती रही, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण दोनों का साथ-साथ विकास जरूरी है और इसके लिए नीतियों के साथ-साथ जीवनशैली में भी बदलाव लाना होगा।
युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने रोजगार और करियर के साथ-साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे फैसलों से भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए मोहन भागवत ने कहा कि आज का युवा भीतर से अकेलापन महसूस कर रहा है। परिवारों में संवाद की कमी और रिश्तों में दूरी के कारण मोबाइल और नशा युवाओं के लिए आसान रास्ता बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर परिवारों में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा, तो युवा गलत आदतों से दूर रहेंगे।
गौरतलब है कि मोहन भागवत तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं और रायपुर एम्स में युवाओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने समाज और परिवार से अपील की कि ऐसा माहौल बनाया जाए, जहां युवा अकेलेपन से नहीं, बल्कि सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ें।





