प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 31 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी से कमिश्नर प्रणाली लागू होगी । इस प्रणाली के लागू होने से पुलिस को अधिक शक्ति मिलेगी । कैबिनेट ने आज अहम निर्णय लिया है । इस बारे में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी देते बताया कि 23 जनवरी से रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू जो जाएगी ।
क्या है कमिश्नरी सिस्टम?
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम एक प्रशासनिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस आयुक्त के पास कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशाबसन से संबंधित सभी शक्तियां होती हैं। ज्यादा शक्तियां होने से पुलिस को तेजी से निर्णय ले सकती है। इस सिस्टम के तहत पुलिस आयुक्त के पास जिला मजिस्ट्रेट जैसी शक्तियां हो जाती हैं।
कई जगहों पर लागू है यह सिस्टम
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम देश के कई राज्यों में बड़े शहरों में लागू है। जिले का एसपी पुलिस का मुखिया होता है। कानून व्यवस्था को कंट्रोल करना एसपी की अहम जिम्मेदारी होती है। लेकिन यह सिस्टम लागू होने के बाद एसपी, एसएसपी की जगह पुलिस कमिश्नर होता है। पुलिस कमिश्नर किस रैंक के अधिकारी को बनाया जाएगा यह फैसला राज्य सरकार करती है। राज्य सरकार डीआईजी से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारी को यह जिम्मेदारी दे सकती है।
प्रणाली से होने वाले फायदे
यह प्रणाली पुलिस को ज़्यादा अधिकार और ज़िम्मेदारी प्रदान कर उसकी कार्यकुशलता में वृद्धि करेगी।
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में निर्णय तीव्रता से लिये जाते हैं, जिससे असामान्य परिस्थितियों को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है और शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी आसानी होती है। कमिश्नरी प्रणाली बड़े शहरों के लिये अधिक उपयुक्त है। शासन व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी जिलाधिकारी के बजाय पुलिस कमिश्नर के पास होती है, जो बेहतर समन्वय बनाने में सहायता प्रदान करती है। मुंबई के जटिल मुद्दों को संभालने में यह प्रणाली सफल रही है, जहाँ अंडरवर्ल्ड जैसी जटिल समस्या मौजूद थी।



