प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 03 जनवरी 2026

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के खिलाफ पूरे देश में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर #भूपेश_बघेल_माफी_मांगो हैशटैग दिनभर देश में दूसरे नंबर पर ट्रेंड करता रहा।
इस डिजिटल आंदोलन में छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ, भाजपा समर्थक, साहू समाज के लोग और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। देश के विभिन्न राज्यों में निवास कर रहे साहू समाज के लोगों ने भी भूपेश बघेल की भाषा पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है।
सोशल मीडिया पर हजारों पोस्ट के जरिए लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि एक पूर्व मुख्यमंत्री की भाषा और आचरण इस स्तर तक कैसे गिर सकता है। ट्रेंड में शामिल लोगों का कहना है कि उप मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।
छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ और भाजपा समर्थकों ने इसे समाज और प्रदेश के सम्मान पर हमला बताते हुए भूपेश बघेल से तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण के बाद साहू समाज पूरी तरह से एकजुट हो गया है। समाज के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर भूपेश बघेल सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
इसके तहत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रशासन को भी अवगत कराया गया है।
यह मुद्दा अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर उठी यह आवाज अब सड़कों पर आंदोलन का रूप लेने की ओर बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि जनभावनाएं लगातार भड़क रही हैं।





