प्रमोद कुमार
रायपुर, 17 जनवरी 2026

बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगलों में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। मौके से AK-47 राइफलें बरामद की गई हैं।
संयुक्त सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। अधिकारियों को खुफिया इनपुट मिले थे कि नेशनल पार्क क्षेत्र में शीर्ष नक्सली नेता पापा राव समेत नक्सलियों का बड़ा दस्ता मौजूद है।
डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत नेशनल पार्क सर्किट में तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी उनकी मुठभेड़ माओवादियों के बड़े समूह से हो गई। सुरक्षा बलों ने जंगल को चारों ओर से घेर लिया है, ताकि शवों की बरामदगी और भागे हुए नक्सलियों की तलाश की जा सके।
बीजापुर पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर पुष्टि की है कि ऑपरेशन जारी है। जवानों की सुरक्षा को देखते हुए मुठभेड़ स्थल और बलों की संख्या से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह मुठभेड़ शीर्ष माओवादी नेतृत्व को निष्क्रिय करने के लिए चलाए जा रहे तेज़ अभियान के बीच हुई है। सुरक्षा बल वर्तमान में कई हाई-प्रोफाइल नक्सली नेताओं की ट्रैकिंग कर रहे हैं:
थिप्पारी तिरुपति उर्फ देवजी (61): तेलंगाना का निवासी और माओवादी संगठन का महासचिव, जिस पर छत्तीसगढ़ में ₹1 करोड़ का इनाम घोषित है।
मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74): पूर्व महासचिव, जिन्होंने उम्र संबंधी बीमारी के कारण पद छोड़ा था। अब भी प्रमुख माओवादी नेता हैं और इन पर ₹1 करोड़ से अधिक का इनाम है।
मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62): झारखंड से ताल्लुक रखने वाला पोलित ब्यूरो सदस्य और ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ERB) का प्रमुख, जिस पर ₹1 करोड़ से अधिक का इनाम है।
पापा राव उर्फ मंगू (56): सुकमा से जुड़ा दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी (DKSZCM) का सदस्य और वेस्ट बस्तर डिविजन कमेटी का मौजूदा प्रभारी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल-मुक्त बनाने की समय-सीमा तय की है। 2025 में हुए बड़े पैमाने के अभियान के बाद, चार दशकों से सक्रिय नक्सलियों का प्रभाव अब काफी कमजोर पड़ा है।





