मुंबई | 20 जनवरी 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्षों के सफर को समेटे बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ का ट्रेलर बुधवार को मुंबई में लॉन्च किया गया।
ट्रेलर का लोकार्पण संघ के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य डॉ. मनमोहन जी वैद्य ने विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया। संघ के शताब्दी वर्ष में यह आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रेलर लॉन्च से पहले फिल्म निर्माताओं ने चुनिंदा मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रीव्यू का आयोजन किया, जिसमें डॉ. मनमोहन जी वैद्य भी मौजूद रहे। इस दौरान पत्रकारों को फिल्म की सोच, संदर्भ और उद्देश्य को समझने का अवसर मिला।
1925 में स्थापित संघ ने वर्ष 2025 में अपने 100 वर्ष पूरे किए।
फिल्म शतक इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में खड़ी होकर संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक योगदान को संतुलित दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
ट्रेलर में संघ से जुड़े कई पुराने मिथकों और भ्रांतियों को चुनौती देने के संकेत साफ दिखाई देते हैं।
इसमें संघ पर लगे प्रतिबंध, स्वतंत्रता संग्राम के समय की भूमिका और आपातकाल जैसे संवेदनशील दौरों को संदर्भ के साथ दिखाने का वादा किया गया है।
फिल्म की पहल पर बात करते हुए डॉ. मनमोहन जी वैद्य ने कहा—
“फिल्म शतक के माध्यम से संघ से जुड़ी जानकारी समाज तक एक प्रभावी माध्यम से पहुँचेगी।
1875 से 1950 के बीच शुरू हुए आंदोलनों में संघ ही ऐसा रहा जो बिना टूटे निरंतर आगे बढ़ता रहा।
‘ना रुके, ना थके, ना झुके’ इसकी निरंतरता और प्रासंगिकता को दर्शाता है।
संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार की दूरदृष्टि इसकी मजबूत नींव रही है।”
फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल ने कहा—
“शतक मेरे लिए एक व्यक्तिगत यात्रा है।
शोध के दौरान मुझे संघ से जुड़े कई ऐसे पहलू जानने को मिले, जिन पर शायद ही पहले बात हुई हो।
यह फिल्म एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, निर्णय दर्शकों पर छोड़ा गया है।”
निर्माता वीर कपूर ने कहा—
“लेखकों ने पुस्तकों और उपलब्ध साहित्य के आधार पर कहानी को आकार दिया है।
विचारों को एक धागे में पिरोकर सिनेमाई रूप देने का प्रयास किया गया है।”
अनिल डी अग्रवाल की परिकल्पना पर आधारित और आशीष मॉल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’
19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
शानदार विजुअल्स, प्रभावशाली संगीत और सशक्त कथा के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा में एक कम छुए गए विषय को सामने लाने जा रही है।





