प्रमोद कुमार
रायपुर, 31 जनवरी 2026/
राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बस सेवा नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। जिले के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुरूसनार से लगभग 4 किलोमीटर तक ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा कर इस जनकल्याणकारी पहल की जमीनी हकीकत को परखा।

मुख्यमंत्री का आम यात्रियों के साथ बस सेवा से सफर करना योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है। यात्रा के दौरान उन्होंने सहयात्रियों से संवाद कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बस सेवा शुरू होने से आए बदलावों और लाभों की जानकारी ली। यह दौरा नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त संदेश माना जा रहा है।
वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के तहत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें ‘नियद नेल्ला नार’ मार्गों पर नियमित रूप से सेवाएं दे रही हैं। ये बसें उन इलाकों तक आवागमन सुनिश्चित कर रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे।
- नारायणपुर–नेलंगूर मार्ग: डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी और नेलंगूर
- नारायणपुर–कुतूल मार्ग: कच्चापाल, कोडलियार, कुतूल, कुरूसनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी
- नारायणपुर–गारपा मार्ग: कुरूसनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी
मुख्यमंत्री बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित की जा रही है। इसमें संचालन एक निजी बस ऑपरेटर के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि मार्ग निर्धारण और निगरानी शासन के जिम्मे है। इस पहल का उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को सुलभ, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।





