प्रमोद कुमार
रायपुर, 01 फ़रवरी 2026
केंद्रीय बजट 2026-27 में मोटर एक्सीडेंट क्लेम से जुड़े ब्याज को आयकर से पूर्णतः मुक्त किए जाने और उस पर टीडीएस समाप्त करने के फैसले को छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने ऐतिहासिक और मानवीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राज्य के हजारों दुर्घटना पीड़ित परिवारों को सीधा और वास्तविक लाभ मिलेगा।

परिवहन मंत्री ने इस जन-कल्याणकारी फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।
कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आते हैं, पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने में अक्सर लंबा समय लग जाता है। इस दौरान मिलने वाला ब्याज उनके लिए अहम आर्थिक सहारा होता है, लेकिन अब तक टैक्स और टीडीएस कटौती के कारण उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता था।
• मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दिए गए ब्याज पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
• टीडीएस पूरी तरह समाप्त होने से पीड़ितों को क्लेम की पूरी राशि सीधे मिलेगी।
• यह प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके बाद मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त रहेगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्होंने दुर्घटना में अपने कमाने वाले सदस्य को खोया है या जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टैक्स-मुक्त ब्याज से इलाज, पुनर्वास और दैनिक जरूरतों में सीधी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जहां बजट 2026-27 में कुल कर अनुमान लगभग 34 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, वहीं मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर दी गई यह छूट साबित करती है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता केवल राजस्व नहीं, बल्कि मानव संवेदना और सामाजिक न्याय भी है।
कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा, दुर्घटना पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।





