प्रमोद कुमार
रायपुर | 04 फरवरी 2026

राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पहुंचकर कुंभ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न अखाड़ों और पीठों से पधारे संत-महात्माओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। संतों ने कुंभ की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।
मंत्री अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से भी संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
कुंभ परिसर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के स्टॉल का अवलोकन करते हुए मंत्री ने स्वयं सहायता समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा बनाए गए पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन—चीला, फरा और ठेठरी—का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। मंत्री ने कहा कि बिहान दीदियों की सहभागिता से न केवल उनकी आजीविका सशक्त हो रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभर रही है।
मंत्री अग्रवाल ने आदिवासी हस्तशिल्प स्टॉल का भी दौरा किया, जहां बांस और लकड़ी से बनी कलाकृतियों, मूर्तियों और उपयोगी वस्तुओं को देखा। उन्होंने कारीगरों का उत्साहवर्धन करते हुए खरीदारी की और कहा कि राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी।
इस अवसर पर कुंभ स्थल पर निर्मित रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का भी निरीक्षण किया गया। चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया यह पौराणिक मार्ग श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंत्री ने इसकी कलात्मकता और प्रस्तुति की प्रशंसा की।
मंत्री ने पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी एस उइके, एसडीएम विशाल महाराणा सहित जिला प्रशासन और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बन चुका है, जहां त्रिवेणी संगम पर आस्था, संस्कृति और लोकजीवन का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।





