प्रमोद कुमार
रायपुर | 04 फ़रवरी 2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को नवाचार और स्टार्टअप का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी गई। नई नीति के लागू होने से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर खुलेंगे।
सरकार का कहना है कि अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। अब तक स्टार्टअप्स को औद्योगिक नीति के तहत पैकेज मिलता था, लेकिन अलग स्टार्टअप नीति नहीं होने से इन्क्यूबेशन, निवेश और नवाचार को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। नई नीति से यह कमी दूर होगी और स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में भी राज्य की स्थिति मजबूत होगी।
नई नीति के तहत केवल राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को ही वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से मिनिमम वायबल प्रोडक्ट तैयार करने के लिए 10 लाख रुपये तक का सीड फंड मिलेगा।
राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड बनाया जाएगा। इसके जरिए SEBI-पंजीकृत ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स के माध्यम से स्टार्टअप्स में निवेश किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड भी बनाया जाएगा। इसके तहत स्टार्टअप्स को बैंकों से एक करोड़ रुपये तक के बिना गारंटी ऋण पर क्रेडिट गारंटी मिलेगी। साथ ही सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी पर पांच वर्षों तक 75% ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप आयोजनों में भाग लेने पर यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क सहित कुल खर्च का 50% अनुदान मिलेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। सफलतापूर्वक निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को फंडरेजिंग पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
नीति में स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद में छूट, भूमि-भवन दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में राहत और इन्क्यूबेशन सेंटर या किराये के भवन में संचालित इकाइयों को तीन वर्षों तक किराया अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। पेटेंट, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, परियोजना प्रतिवेदन और तकनीक क्रय पर भी अनुदान मिलेगा।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए दस से अधिक स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को
- महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह,
- पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त अग्निवीर और नक्सल प्रभावित या पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक वेतन का 40% तक अनुदान मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह नई स्टार्टअप नीति निवेश बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप राज्य के रूप में उभरेगा।





