नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026
देश में कैब सेवा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज ‘भारत टैक्सी’ ऐप का शुभारंभ करेंगे। यह देश का पहला सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे पूरी तरह ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल पर विकसित किया गया है।

सरकार का दावा है कि भारत टैक्सी जीरो कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग के काम करेगी, जिससे ड्राइवरों को उनकी कमाई का पूरा लाभ मिलेगा और यात्रियों को किफायती किराए पर सवारी उपलब्ध होगी।
भारत टैक्सी को अगले दो वर्षों में सभी राज्यों और शहरों तक विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्लेटफॉर्म मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत है और इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी।
यह ऐप विदेशी निवेश आधारित कैब कंपनियों के मुकाबले स्वदेशी विकल्प के रूप में सामने आई है। आठ प्रमुख सहकारी संगठनों के समर्थन से शुरू हुए इस प्लेटफॉर्म ने दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तहत संचालन शुरू किया था।
लॉन्च से पहले ही भारत टैक्सी से
- 3 लाख से अधिक ड्राइवर (सारथी) जुड़ चुके हैं
- 1 लाख से ज्यादा यूजर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है
- दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोज़ 10,000+ राइड पूरी हो रही हैं
- अब तक करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं
भारत टैक्सी अपने ड्राइवरों को
- स्वास्थ्य बीमा
- दुर्घटना बीमा
- रिटायरमेंट सेविंग्स
- समर्पित सहायता केंद्र
जैसी सुविधाएं भी दे रही है। दिल्ली में 7 सहायता केंद्र पहले से संचालित हो रहे हैं।
सरकार का कहना है कि भारत टैक्सी न केवल देश का, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।





