• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर प्रवास
• तीन दिनों के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे अमित शाह

• मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बस्तर और रायपुर प्रवास
प्रमोद कुमार
रायपुर, 07 फरवरी 2025
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर आएंगी।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगी। इस अवसर पर वे जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी।
राष्ट्रपति महोत्सव स्थल पर बस्तर पंडुम के अंतर्गत लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगी। वे बस्तर की पारंपरिक हस्तशिल्प, जनजातीय कलाओं, लोकवेशभूषा एवं स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करेंगी तथा कलाकारों और शिल्पकारों से संवाद करेंगी। इस दौरान विशिष्ट अतिथियों के साथ भेंट एवं समूह छायाचित्रण का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इसके पश्चात राष्ट्रपति मुख्य समारोह में भाग लेंगी, जहाँ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से होगी तथा दीप प्रज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री द्वारा स्वागत भाषण दिया जाएगा। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का सम्मान किया जाएगा तथा बस्तर पंडुम पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।
समारोह के दौरान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति पर आधारित पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम के समापन के पश्चात राष्ट्रपति जगदलपुर से रायपुर होते हुए नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
केंद्रीय गृहमंत्री का छत्तीसगढ़ प्रवास
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिनों के लिए आज छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं । तय कार्यक्रम के मुताबिक वे आज शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और निजी होटल जाएंगे । कल 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक लेंगे, इसके बाद ‘शिफ्टिंग द लेंस’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे । 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे । 9 फरवरी को सुबह 11 बजे विशेष विमान से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे । शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे ।
CM का दौरा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बस्तर और रायपुर के प्रवास पर रहेंगे । तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 10 बजकर 5 मिनट में मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे । उसके बाद लालबाग मैदान, जगदलपुर पहुंचकर ‘बस्तर पंडूम 2026’ के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे । फिर जगदलपुर से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और राष्ट्रपति मुर्मू को दौरे के लिए धन्यवाद देंगे । इसके बाद अपने शासकीय निवास पहुंचेंगे और फिर शाम को एयरपोर्ट पहुंचकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करेंगे ।
‘बस्तर पंडूम 2026’ का शुभारंभ आज
तीन दिनों तक चलने वाले ‘बस्तर पंडूम’ का आज राष्ट्रपति शुभारंभ करेंगी, तो वहीं समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे । बस्तर अंचल की समृद्ध लोकपरंपराओं, जनजातीय संस्कृति, कला और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 8 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 7 से 9 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं। बस्तर पंडुम 2026 का लोगो, थीम गीत और आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मांझी–चालकी, गायता–पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकार उपस्थित रहेंगे। प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराया गया, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों के 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन हुआ।





