प्रमोद कुमार
रायपुर, 25 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र में संचालित विद्यालयों में किचन गार्डन की पहल बच्चों के पोषण और व्यवहारिक शिक्षा का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। “विद्यालय की बगिया से थाली तक” अभियान के तहत छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में उगाई गई ताजी और जैविक सब्जियों का उपयोग सीधे मध्याह्न भोजन में कर रहे हैं।

इस योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन विशेष रूप से प्रेरक उदाहरण बन गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल से नियमित रूप से ताजी सब्जियां प्राप्त हो रही हैं। इन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण दिया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक करीब 4 किलोग्राम ताजी सेमी (फली) की तुड़ाई की।
बच्चों ने पौधों की देखभाल, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे उन्हें श्रम का महत्व समझने के साथ-साथ कृषि और पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान भी मिला।
विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना, जैविक खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताजी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है।
इस अवसर पर शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं।
विद्यालय प्रशासन ने संकल्प लिया है कि किचन गार्डन में विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती आगे भी जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को निरंतर पोषण और व्यवहारिक ज्ञान मिलता रहे।



