महासमुंद, छत्तीसगढ़। जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। BBM (बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद) डिवीजन कमेटी से जुड़े 15 इनामी माओवादियों ने देर रात पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। समर्पण करने वालों में 9 महिला और 6 पुरुष माओवादी शामिल हैं।

देर रात करीब 2 से 4 बजे के बीच इन नक्सलियों ने महासमुंद जिले के बलौदा थाना पहुंचकर हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वालों में ओडिशा के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन भी शामिल हैं, जिन पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। उनके सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सभी 15 नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे हैं। सरकार की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और समाज में पुनर्वास की सुविधाएं दी जाती हैं।
महासमुंद पुलिस सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा आज दोपहर 4 बजे रक्षित केंद्र परसदा, महासमुंद में किया जाएगा, जहां वरिष्ठ अधिकारी विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम बताया।
महासमुंद में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क का संकेत मान रही हैं।





